फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोड़ों रुपये की आमदनी के बाद भी सुविधाएं नहीं

विज्ञापन
धनौरा की मंडी समिति में खराब पड़ा ओवरहैड टैंक, वाटर कूलिंग मशीन, बंद पड़े शौचालय, परिसर में खड़ी घस - फोटो : DHANAURA
विज्ञापन
मंडी धनौरा। तहसील की मंडी समिति कमाई तो करोड़ों में है पर सुविधाओं के नाम पर पीने का पानी तक नसीब नहीं होता। अन्य सुविधाओं की बात तो बहुत दूर की बात है। किसानों व आढ़तियों से लाखों रुपये मंडी शुल्क के रूप में वसूलने वाली कृषि उत्पादन मंडी समिति में जलापूर्ति के लिए बना ओवर हैड टैंक वर्षों से खराब पड़ा हुआ है। पानी की टंकी क्षतिग्रस्त हो जाने की वजह से शौचालय की स्थिति भी खराब है। मंडी में अपनी उपज लेकर आने वाले किसान मूलभूत सुविधाओं के लिए इधर उधर भटकते हैं। किसानों व आढ़तियों ने मंडी समिति परिसर में पेयजल व सफाई व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन

किसी जमाने में मंडी धनौरा की मंडी अपनी आमदनी व सुविधाओं के लिए दूर दूर तक जानी जाती थी। लेकिन अब सुविधाओं के नाम पर मंडी समिति शून्य है। मंडी समिति में बड़ी संख्या में सब्जी व गल्ले के आढ़ती काम करते हैं। रोजाना हजारों की तादाद में किसान अपनी उपज लेकर और व्यापारी माल खरीदने के लिए आते हैं। मंडी समिति परिसर में गेहूं के आढ़तियों की ओर भयंकर गंदगी व्याप्त है। वहां काम करने वाले व्यापारी व पल्लेदार दुर्गंध से परेशान हैं। सफाई का ठेका होने के बावजूद घास दो फीट ऊंची खड़ी हुई है। दक्षिणी दिशा की दीवार टूटी हुई है। निकटवर्ती मोहल्ला के रहने वाले लोगों ने इस दीवार से भीतर आकर परिसर को खुला शौचालय बना दिया है। मंडी में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए बने शौचालय की छत पर रखा वाटर टैंक क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है। बाहर से आने वाले किसान व व्यापारी हलका होने के लिए मजबूरी में इधर उधर भटकते हैं या खुले में शौच के लिए मजबूर हैं।
एक आढ़ती ने अपना नाम नहीं प्रकाशित करने के अनुरोध पर बताया कि मंडी समिति प्रशासन का कार्य सिर्फ टैक्स की उगाही करना ही रह गया है। सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं है। मंडी समिति के कर निरीक्षक कृपाल सिंह ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष का कर संग्रह का लक्ष्य एक करोड़ रुपये है। इतनी मोटी आमदनी के बावजूद किसानों को कोई सुविधा नहीं दी जा रही है।
विज्ञापन

उपजिलाधिकारी व मंडी समिति के प्रशासक अरुण कुमार का कहना है कि वह शीघ्र ही मंडी समिति में व्याप्त अव्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। हर हाल में किसानों, व्यापारियों व आढ़तियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
वर्षों से खराब पड़ा है मंडी समिति में बना ओवरहेड टैंक
मंडी धनौरा। मंडी में आने वाले किसानों, व्यापारियों व आढ़तियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक स्थापित है। लेकिन कभी भी इस ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति नहीं की गई है। मंडी समिति के जलकल संस्थान पर ताला लटका हुआ है। चारों ओर से झाड़ियों ने जलकल संस्थान को घेर लिया है। गेहूं के एक आढ़ती ने बताया कि वह 10 साल से अधिक समय से आढ़त कर रहे हैं लेकिन कभी भी ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति होते नहीं देखी है। गर्मियों के मौसम में ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाई गई वाटर कूलिंग मशीन भी खराब पड़ी हुई है। मंडी समिति के सचिव सचिन शर्मा का कहना है कि जलकल संस्थान की पूरी पाइप लाइन बंद पड़ी हुई है। इसको चालू कराने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। सफाई को लेकर उनका कहना है कि नियमित सफाई कराई जा रही है। संवाद
उपनिदेशक प्रशासन आए और निरीक्षण की खानापूर्ति कर चले गए
मंडी धनौरा। पिछले हफ्ते मंडी समिति के उपनिदेशक प्रशासन ने मंडी समिति का निरीक्षण किया। लेकिन सिर्फ कार्यालय का ही निरीक्षण कर डीडीए वापस चले गए। किसी भी किसान, आढ़ती व व्यापारी से उनकी परेशानियों के बारे में वार्ता करना तक उचित नहीं समझा। वर्षों से खराब पड़े ओवरहेड टैंक व वाटर कूलिंग मशीन आदि के बारे में भी किसी से जानकारी नहीं की। एक किसान का कहना था कि यदि उनको डीडीए के आने की जानकारी मिलती तो वह सुविधाओं को लेकर शिकायत करते। संवाद

धनौरा की मंडी समिति में खराब पड़ा ओवरहैड टैंक, वाटर कूलिंग मशीन, बंद पड़े शौचालय, परिसर में खड़ी घस- फोटो : DHANAURA

धनौरा की मंडी समिति में खराब पड़ा ओवरहैड टैंक, वाटर कूलिंग मशीन, बंद पड़े शौचालय, परिसर में खड़ी घस- फोटो : DHANAURA

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें