हसनपुर। क्षेत्र के रामपुर भुड़ और डगरपुरी गांव के बीच 2.7 किलोमीटर लंबा मार्ग करीब 12 वर्षों से जर्जर हाल है। यह सड़क मंडी परिषद के अधीन आती है जबकि मंडी परिषद के अधिकारी सड़क के निर्माण के लिए प्रति उदासीन हैं। कई बार शिकायत के बावजूद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह रास्ता क्षेत्र के दस से ज्यादा गांवों को जोड़ता है।
हसनपुर से झम्मनलाल पीजी कॉलेज, रामपुर भुड़, डगरपुरी, बसैड़ा खुर्द, अजीजपुर, कटाई, नवादा होते हुए गजरौला चौराहा तक एक मार्ग जाता है, जो आगापुर, नसीरपुर, शेरगढ़, सिंहाली, सिमला व सिमली पूठी को जोड़ता है। यह मार्ग अधिकांश लोक निर्माण विभाग के अधीन है लेकिन इसमें रामपुर भुड़ से डगरपुरी के बीच 2.7 किलोमीटर सड़क का हिस्सा मंडी परिषद के अधीन है।
इसके निर्माण की जिम्मेदारी भी मंडी परिषद की ही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में जगह-जगह गड्ढे बनने के कारण आवागमन में उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और शिक्षकों को उठानी पड़ रही है। अनेकों पर इसी शिकायत विभागीय अधिकरियों से लेकर डीएम तक की जा चुकी है, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है।
रामपुर भुड़ व डगरपुरी के यशपाल, उदयवीर, सरोज, किशनपाल, ब्रजेश सिंह, प्रेमपाल चौहान, नत्थू, विनोद, नन्हे, देवराज, अंकित चौळान, राकेश चौहान आदि का कहना है कि कई बार डीएम कार्यालय पर भी शिकायत की जा चुकी है। इसके अलावा आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत की जा चुकी है। इसके जवाब में बताया गया कि मंडी परिषद के पास बजट नहीं है। इसलिए सड़क निर्माण में देरी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से लगातार मार्ग के निर्माण की मांग की जा रही है। जबकि मंडी परिषद द्वारा बजट ना होने का हवाला दिया जा रहा है।
बयान: यदि से सड़क मंडी परिषद के अधीन है तो इस सड़क निर्माण मंडी परिषद को ही कराना चाहिए। पूरे मामले की जांच कराकर उचित निर्णय लिया जाएगा। पुष्करनाथ चौधरी, एसडीएम