नोटबंदी के बाद नोट नहीं मिलने पर लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। दिन भ्ार बैंक के गजरौला में देर शाम प्रथमा बैंक की खेड़ा अपरौला शाखा पर जमकर हंगामा हुआ। मैनेजर पर महिला को थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए गुस्साए उपभोक्ताओं ने प्रबंधक व कर्मचारियों को तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा।
पुलिस कर्मी भी उनके गुस्से को देखकर शांत रहे। मैनेजर अफसरों को पल-पल की खबर बैंक के अंदर से देते रहे, लेकिन फोर्स मौके पर नहीं पहुंच सका। घंटों बाद इंस्पेक्टर दलबल के साथ पहुंचे। लोगों को समझाकर शांत किया और कर्मचारियों को बैंक से निकालकर भिजवाया। उधर, गजरौला में लोग गार्ड को धक्का देकर सिंडीकेट बैंक में घुस गए।
थाना क्षेत्र के खेड़ा अपरौला गांव में प्रथमा बैंक की शाखा पर उपभोक्ता सुबह ही पहुंच गए। प्रबंधक डीके सैनी ने रुपये बांटने शुरू कर दिए। आरोप है कि नोकझोंक करने पर उन्होंने एक महिला के झापड़ मार दिया। पता चलते ही बाहर खड़े सभी उपभोक्ता भड़क गए। उन्होंने शाम पांच बजे से ही बैंक के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। मंजर देखते ही कर्मचारियों ने अंदर से चैनल बंद कर लिया। चैनल खींच-खींचकर उपभोक्ता कर्मचारियों को भद्दी गालियां देने लगे। जिस पर प्रबंधक ने पुलिस अधिकारियों को खबर की।
कुछ कांस्टेबल मौके पर पहुंचे, किंतु पब्लिक का गुस्सा देखते हुए खामोश रहे। लगातार पब्लिक हंगामा करती रही। घबराए मैनेजर ने अपने अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद पुलिस अफसरों को भी स्थिति से अवगत कराया। तीन घंटे बाद इंस्पेक्टर घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों को बैंक खुलवाकर बाहर निकलवाते हुए घर भिजवा दिया।
उधर, गजरौला में रोजाना की तरह बुधवार की सुबह बैंक खुलने से पहले ही अन्य बैंकों की तरह सिंडीकेट बैंक के बाहर भी ग्राहकों की लंबी लाइन लग गई। दस बजे अधिकारी व कर्मचारी बैंक पहुंचे। साढ़े दस बजे तक कैश वितरण का कार्य शुरू नहीं हो सका। इसी दौरान बाहरी लोग बैंक में आ जा रहे थे। जिससे लाइन में लगे ग्राहकों ने इसका विरोध किया तो हंगामा खड़ा हो गया। गुस्सा ग्राहक होमगार्ड और बैंक गार्ड को धक्का देकर साइड कर दिया और बैंक में घुस गए।
गेट पर रखी टेबल बाहर फेंक दी। होमगार्ड ने रोकने की कोशिश की तो उससे भी भिड़ गए और तीखी झड़प हुई। ग्राहकों का आरोप था कि बैंक कर्मी अपने चहेतों को बुला कर कैश दे रहे हैं। जबकि वह नौ बजे से लाइन में लगे हैं। साढ़े दस बजे तक कैश वितरण शुरू नहीं किया गया। वहीं बैंक कर्मचारियों के समझा बुझाने पर ग्राहक शांत हुए। तब कहीं कैश वितरण का कार्य शुरू किया गया।
आज जो कैश बंटना था वो करीब सवा 11 बजे बैंक को मिला है, फिर भी पहले का कुछ कैश रखा हुआ था, जो दस बजे ही बांटना शुरू कर दिया था, इसके अलावा बैंक के बाहर महिला और पुरुष ग्राहकों की अलग-अलग लाइन लगाई जाती है, महिला पुलिस न होने पर महिलाओं से कोई अभद्रता न करें, इसके लिए बीच में टेबल रख दी गई है, इसी बात पर पुरुष ग्राहकों ने एतराज जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया, चहेतों को कैश दिये जाने की बात गलत है। वीरपाल सिंह राणा, शाखा प्रबंधक, सिंडीकेट बैंक।