अमरोहा। किशोरी को बहलाकर ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने बिजनौर के दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय की अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह पूरा फैसला महज 7 महीने 21 दिन में सुनाया गया है।
यह मामला रजबपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां पर किसान परिवार रहता है। उनकी नाबालिग बेटी 5 जून 2025 की शाम करीब 8 बजे अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की छानबीन के दौरान सामने आया कि किशोरी को बिजनौर जनपद की शहर कोतवाली क्षेत्र के दारानगर गंज निवासी सोनू बहलाकर अपने साथ ले गया था। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया। बाद में किशोरी के बयान के आधार पर मामले में दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की गई और सोनू को जेल भेज दिया गया।
मामले की विवेचना तत्कालीन दरोगा सुनील कुमार द्वारा की गई, जिन्होंने मात्र 36 दिन के भीतर मजबूत साक्ष्यों के साथ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी ने प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को विस्तार से सुना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बृहस्पतिवार को आरोपी सोनू को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।