गजरौला (अमरोहा)। रिटायर्ड कानूनगो दयाराम सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के बावजूद मौके पर मौजूद पुत्रियों द्वारा उनकी मौत हार्टअटैक से बताए जाने और ताबड़तोड़ गोलीबारी की आवाज नहीं सुनने की बात कही जाने के कारण पुलिस के संदेह की सुई फिलहाल परिजनों की ओर ही घूम रही है। हालांकि पुलिस अभी कुछ भी खुलकर कहने से बच रही है। वहीं एएसपी और सीओ ने भी मृतक की दोनों पुत्रियों से अलग-अलग बंद कमरे में पूछताछ की। दोनों बहनों के मोबाइल भी कब्जे में लेने की चर्चा है। दोपहर के समय यहां अपने आवास पर पुलिस अभिरक्षा में आई मृतक की बड़ी पुत्री घर से बैग में सामान रखकर ले गई। इस दौरान इंस्पेक्टर के साथ ही महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद रहीं। बाद में उसे परिजनों के साथ उन्हीं की गाड़ी में एक सिपाही की निगरानी में गांव तक छुड़वाया गया।
रविवार को भी पुलिस रिटायर्ड कानूनगो दयाराम सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी रही। इसके लिए पुलिस की कई टीमों के साथ ही सर्विलांस और एसओजी को भी लगाया गया है। वहीं पुलिस उस कार की तलाश में भी लगी रही, जिसमें मोहल्ला अतरपुरा स्थित एक निजी अस्पताल के बाहर ई-रिक्शा से उतारकर दयाराम सिंह के मृत शरीर को रखकर गांव लखमिया ले जाया गया था। वहीं एएसपी अजय प्रताप सिंह और सीओ मोनिका यादव ने मृतक की दोनों पुत्रियों ममता और पूजा से अलग-अलग पूछताछ भी की। बताते हैं कि पुलिस के गले यह बात नहीं उतर रही है कि आखिर दयाराम सिंह की गोलियां बरसाकर हत्या किए जाने के बावजूद वहीं पीछे वाले कमरे में मौजूद उनकी पुत्रियों ने गोली की आवाज क्यों नहीं सुनी? जबकि पड़ोसियों ने उनसे आकर पूछा भी था कि गोली चलने की आवाजें तो उनके घर से ही आई हैं और दयाराम सिंह भी लहूलुहान हैं लेकिन पुत्रियों ने कह दिया कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है और वह काउंटर पर गिरकर घायल हुए हैं। इसके बाद पड़ोसी भी लौट गए थे।
बता दें कि मूल रूप से थाना बछरायूं के गांव लखमिया निवासी रिटायर्ड कानूनगो दयाराम सिंह की शुक्रवार की रात लगभग आठ बजे गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। परिवार वाले मौत का कारण हार्टअटैक बताकर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान गांव में आई मृतक की सलहज वीरवती ने उनके शरीर पर निशान और खून के धब्बे देख शोर मचा दिया था और पुलिस बुलवा ली थी। बाद में परिजन भी हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए थाने जा पहुंचे थे। पुलिस को मृतक की दुकान से पिस्टल के कारतूस के तीन खाली खोखे भी मिले थे। बाद में मृतक की पुत्री ममता की ओर से अज्ञात के खिलाफ उसके पिता की गोली मारकर हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा शव, तिगरी में अंतिम संस्कार
गजरौला। रिटायर्ड कानूनगो दयाराम सिंह के शव का रविवार की अपराह्न अमरोहा में पोस्टमार्टम किया गया। शाम को उनका शव गांव लखमिया पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सुरक्षा के मद्देनजर वहां गजरौला थाने की पुलिस भी तैनात रही। रात आठ बजे मामले की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर जयवीर सिंह ने बताया कि तिगरी में उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मुखाग्नि उनके पुत्र रामबाबू ने दी।