अमरोहा। लखीमपुर खीरी एजेंसी पर छोड़ने ले जाया जा रहा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर नारंगपर के पास डिवाइडर से टकरा गया। जिससे हादसे में शामली के ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शामली जनपद के थाना झिंझाना के पीरखेड़ा में किसान सुंदरलाल का परिवार रहता है। उनके बेटे कुलदीप (45) पेशे से चालक हैं। वह एक ट्रैक्टर कंपनी में काम करते थे। उनका काम ट्रैक्टर को एक जगह से दूसरी जगह छोड़ना था। उनके परिवार में पत्नी विमलेश के अलावा दो बेटे और एक बेटी हैं। पिता सुंदरलाल ने बताया कि गुरुवार की रात कुलदीप ट्रैक्टर छोड़ने लखीमपुर खीरी जा रहे थे। करीब 11 बजे उनका ट्रैक्टर डिडौली कोतवाली क्षेत्र में नारंगपुर के पास पहुंचा था। यहां हाईवे पर सिक्स लाइन निर्माण कार्य चल रहा है। विभाग ने हाईवे पर डिवाइडर लगा रखे हैं। इस दौरान उनका ट्रैक्टर डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर लगने से कुलदीप नीचे जा गिरे। सिर में गहरी चोट लगने से उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटना की जानकारी परिजनों को दी। खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता चीखते-चिल्लाते रिश्तेदारों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। इंस्पेक्टर शरद मलिक ने बताया कि शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
पत्नी और बच्चों से छिपाया हादसा
अमरोहा। सड़क हादसे में कुलदीप की मौत होने की खबर पिता सुंदरलाल ने उसकी पत्नी विमलेश और तीनों बच्चों से 12 घंटे से अधिक समय तक छिपाकर रखी। जिससे दुख की घड़ी में बच्चे अधिक परेशान न हो सकें।
बेटा तो चला गया.. बस पोती की चिंता
अमरोहा। कुलदीप के पिता सुंदरलाल ने भावुक अल्फाजों में कहा कि बेटा तो चला गया अब पोती की चिंता है। कहा कि कुलदीप के तीन बच्चे हैं। दोनों बेेटे छोटे हैं। जबकि बेटी डिंपल बड़ी है। डिंपल बड़ी ही होनहार हैं। वह कबड्डी की खिलाड़ी हैं। अब तक छह बार नेशनल खेल चुकी है। रविवार में उसका रेलवे में ट्रायल हैं। अगर डिंपल को पिता की मौत का पता नहीं चलना चाहिए। वरना वह परेशान हो जाएगी। उसके ट्रायल पर भी इसका असर पड़ेगा।