अमरोहा। रहरा थानाक्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित वर्ग की आठ वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी फरमान को उम्रकैद (शेष प्राकृत जीवनकाल) की सजा सुनाई है। साथ ही 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। घटना के 114वें दिन आए फैसले में अदालत ने दोषी को सजा सुनाई।
आठ जून 2026 को गांव के रहने वाले अनुसूचित वर्ग के परिवार की आठ वर्षीय बालिका घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाला फरमान बालिका को बहलाकर बुग्गी पर बैठाकर खेत में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। रोते हुए बच्ची घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। घटना के कुछ ही घंटे बाद पुलिस-प्रशासन ने फरमान के घर पर बुलडोजर मकान के उस हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया, जिसे प्रशासन ने अवैध निर्माण बताया था। लगातार दबिश के बाद घटना के दूसरे दिन सुबह पुलिस ने फरमान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
सीओ एवं विवेचक पंकज त्यागी ने विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों समेत अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर 72 घंटे के भीतर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में मामले की सुनवाई चली।
सोमवार को अदालत ने फरमान को दोषी करार दिया था। मंगलवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी ने पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फरमान को शेष प्राकृत जीवनकाल तक उम्रकैद की सजा सुनाई और 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।