अमरोहा। 12वीं के फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर बीए-एलएलबी की डिग्री हासिल करने के मामले में श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिल्ली के पश्चिम विहार निवासी दीपक नंदा की डिग्री निरस्त कर दी है। साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र भेजकर उसका पंजीकरण निरस्त करने का अनुरोध किया है। विश्वविद्यालय की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के आधार पर रजबपुर थाने की पुलिस दीपक की पूरी कुंडली खंगालने में जुट गई है।
फर्जी डिग्री के खेल का खुलासा दीपक की कुछ दिनों पहले हथियारों की तस्करी के आरोप में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी से हुआ था। दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड में दीपक खत्री उर्फ दीपक नंदा के नाम से दर्ज इस शख्स की गिरफ्तारी के बाद की शुरुआती जांच में इसके लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम का सदस्य होने की बात सामने आई थी। इसके बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नौ सितंबर को विश्वविद्यालय से दीपक के प्रवेश से लेकर अन्य शैक्षिक अभिलेख मांगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने यहां से जारी बीए-एलएलबी की डिग्री की डिटेल के साथ यहां दाखिले के वक्त लगाए गए 12वीं के प्रमाणपत्र और अंकतालिका का ब्योरा भी उपलब्ध करा दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस की जांच में जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन से जारी 12वीं की अंकतालिका और प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए।
इस जानकारी के बाद वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी अरुण कुमार की तहरीर पर रजबपुर थाना पुलिस ने दीपक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दीपक की बीए-एलएलबी की डिग्री निरस्त कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से दीपक का वकालत का पंजीकरण निरस्त करने के अनुरोध के साथ बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भी पत्र भेजा गया है।
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दीपक नंदा ने इंटर के फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर बीए-एलएलबी की डिग्री हासिल की थी। प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद डिग्री निरस्त कर उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र भेजकर दीपक नंदा का पंजीकरण निरस्त करने का अनुरोध किया गया है। - राजीव त्यागी, प्रति कुलाधिपति, श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय
लॉरेंस बिश्नोई कनेक्शन ने खड़े किए पुलिस के कान
- एएसपी बोले- हर पहलू की गहराई से की जाएगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय से बीए-एलएलबी की डिग्री लेकर दिल्ली में वकील बन चुके दीपक नंदा के लॉरेंस बिश्नोई से कनेक्शन की बात सामने आने पर अमरोहा पुलिस के कान खड़े हो गए हैं।
एएसपी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि दिल्ली के पश्चिम विहार निवासी दीपक नंदा अब अमरोहा जिले से लेकर दिल्ली तक जांच के घेरे में है। अमरोहा के श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक उसने वर्ष 2019 में बीए-एलएलबी में दाखिला लिया और 2024 में पाठ्यक्रम पूरा किया था। प्रवेश के समय जमा की गई जम्मू-कश्मीर बोर्ड की 12वीं की अंकतालिका और प्रमाणपत्र को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सत्यापन के लिए भेजा था। वहां बोर्ड ने 12वीं के रिकॉर्ड को वास्तविक नहीं पाया। इसके बाद विश्वविद्यालय ने उसकी डिग्री निरस्त करने की कार्रवाई शुरू करने के साथ रजबपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एएसपी ने बताया कि रजबपुर पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अमरोहा जिले में पढ़ाई के दौरान की इसकी गतिविधियों को भी गहराई से देखा जाएगा, ताकि आरोपी की पूरी कुंडली सामने आ सके।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड में दीपक खत्री उर्फ दीपक नंदा के नाम से दर्ज इस शख्स को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अगस्त में हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने उसे लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम से जुड़ा बताया था।