ननिहाल में घूमने जा रहे थे बच्चे
गांव शीतला सराय निवासी पिता-पुत्री की हादसे में मौत से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। क्लीनिक संचालक बुधवार शाम करीब चार बजे बच्चों व पत्नी को लेकर ससुराल जा रहे थे। बच्चे भी अपने नानी के घर जाने के लिए खुश थे और सुबह से ही तैयार होकर बैठे थे।
क्लीनिक संचालक के हंसते-खेलते परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आदमपुर के गांव शीतला सराय में बुधवार को उस वक्त मातम पसर गया। जब एक भीषण सड़क हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को लील लिया। गांव के क्लीनिक संचालक अमित खड़गवंशी व उनकी मासूम बेटी दीक्षा की मौत हो गई। हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
हादसा इतना भीषण था कि क्लीनिक संचालन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि उसकी बेटी की सीएचसी से हायर सेंटर ले जाते समय मौत हो गई। इस घटना के बाद से शीतला सराय गांव के कई घरों में चूल्हे नहीं जले। हर आंख नम है और लोग सदमे में हैं।
मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वालों का कहना है कि क्लीनिक संचालक एक नेक इंसान थे और हमेशा सबकी मदद के लिए आगे रहते थे। उनकी और उनकी मासूम बेटी की असामयिक मृत्यु से गांव को गहरा आघात लगा है।