सैदनगली (अमरोहा))। क़स्बे के मुहल्ला सादात के पीर जी वाले इमामबारगाह मे मरहूम शाने रजा के चेहलुम की इसाले सवाब की मजलिस हुई। आगाज डॉ. लईक हैदर और हमनवा ने सोजखुवानी से किया।
मजलिस को दिल्ली से तशरीफ़ लाए मौलाना अजादार हुसैन जैदी ने ख़िताब करते हुए कहा कि अल्लाह ने पूरी दुनिया मे सबसे अशरफ मख़लूक़ सिर्फ़ इंसान को पैदा किया है। पूरी कायनात मे अल्लाह ने हर शह को पैदा किया मगर जो मर्तबा फ़जीलत इंसान की है। वो किसी की नहीं।7 अल्लाह के आखरी रसूल ने फरमाया कि रहम करना इंसान की सबसे बड़ी खूबी है। जिस इंसान के दिल मे रहम नही पाया जाता तो समझो उसके अंदर कोई भी खूबी नही पाई जाती। इस्लाम का यह संदेश पूरी दुनिया के लिए। ख़ुदा इंसाफ करने वाला है। 7हर इंसान के दिल मे रहम होना चाहिए। क्योंकि दया मनुष्य का सबसे बड़ा गुण है। मौलाना ने कर्बला वालों की मुसीबतों का जिक्र किया। जिसको सुनकर लोग रोने लगे। इस मौके पर अम्मार हैदर रिजवी, महताब रजा, हसन मेहदी, हाशिम रजा, सुहैल अब्बास, मीसम रजा, मुहम्मद सुवालेह, रियाजुल हसन, सलमान हैदर, वकार मेहदी, सफी मुक़्तदा, मिसाल अब्बास, ख़ादिम मेहंदी बाकरी आदि मौजूद रहे।