औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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प्राचीन शिव मंदिर केे महंत वीरेंद्र गिरी की हत्या के मुख्य आरोपी मंगल गिरी के पुलिस अभिरक्षा में दिए बयान के बाद हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। शुक्रवार रात शेरपुर क्षेत्र से गिरफ्तार मंगल गिरी ने बताया कि महंत वीरेंद्र गिरी की हत्या उसने अकेले की थी। घटना के समय सुभाष मंदिर में नहीं था।
बीते रविवार को महंत वीरेंद्र गिरी की हत्या कर दी गई थी। महंत की हत्या में उनके शिष्य रोहित ने मंगल गिरी और सुभाष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुभाष को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
सुभाष के बहनोई नंदकिशोर ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर उसको निर्दोष बताते हुए नाम निकालने की गुहार लगाई है। वहीं पुलिस ने मंगल गिरी को अदालत में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया।