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चाकेश्वर मंदिर में पुजारी समेत तीन को बंधक बनाकर लूट

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गजरौला (अमरोहा)। चाकेश्वर मंदिर के पुजारी और उनके पुत्र समेत तीन लोगों को बंधक बनाकर तीन लुटेरे वहां रखी चालीस हजार की नकदी, तीन दान पात्रों में रखी रकम, पीतल के दो बड़े घंटे आदि सामान लूटकर ले गए। तड़के मंदिर में पूजा करने आए श्रद्धालु ने दरवाजा खोलकर तीनों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर आ पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी ली।
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रविवार की सुबह गांव चाकीखेड़ा स्थित प्राचीन चाकेश्वर मंदिर के पुजारी मुकेश गिरि ने 112 डायल को सूचना दी कि मंदिर में लूट हो गई है। इस पर पहले 112 डायल और बाद में कुमराला पुलिस चौकी इंचार्ज एसआई कृपाल सिंह मौके पर जा पहुंचे। पुजारी मुकेश गिरि के मुताबिक वह शनिवार की रात को मंदिर में सोए हुए थे। रात लगभग दो बजे वहां आ तीन लुटेरों ने उन्हें गनप्वाइंट पर ले लिया। आहट होने पर पास ही गोशाला में सो रहा हर्ष शर्मा जाग गया। उसे भी लुटेरों ने कब्जे में ले लिया। इसके बाद कमरे में सो रहे पुजारी के पुत्र नीरज गिरि से दरवाजा खोलने को कहा। पुजारी के मुताबिक नीरज के दरवाजा खोलते ही लुटेरों ने तीनों को उसी के कमरे में बंद कर बाहर से कुंडी लगा दी। इसके बाद वहां चढ़ावे के रूप में आई 40 हजार की नकदी, तीन दान पात्रों में रखी रकम, पीतल के दो घंटे, एक घड़ियाल आदि सामान लूटकर ले गए। रविवार की तड़के लगभग साढ़े चार बजे वहां पूजा करने आए गांव सलेमपुर गोसाईं निवासी गुलाब सैनी ने उनकी आवाजें सुनकर दरवाजा खोलकर सभी को बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक मंदिर के खाली दानपात्र और घड़ियाल कुछ दूरी पर रेलवे लाइन के पास पड़ा मिला। चौकी इंचार्ज ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है।
मुंह पर कपड़ा बांधे थे तीनों लुटेरे
गजरौला। पुजारी मुकेश गिरि के मुताबिक लूट की घटना को अंजाम देने वाले तीनों लुटेरों ने मुंह पर ढाटा बांध रखा था। मुंह पर कपड़ा बंधा होने और अंधेरा होने के कारण वह तीनों के चेहरे सही तरीके से नहीं देख सके। हालांकि उनके पास तमंचे होने की बात भी पुजारी ने कही। बताया कि कुछ वर्ष पूर्व भी मंदिर में इसी तरह की घटना हो चुकी है।
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महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब
गजरौला। गांव चाकीखेड़ा स्थित चाकेश्वर मंदिर में शिवरात्रि और महाशिवरात्रि के पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ता है। हरिद्वार और नीलकंठ के कांवड़ लाने वाले हजारों शिवभक्त यहीं अपने आराध्य भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। महाशिवरात्रि के पर्व से चार दिन पूर्व मंदिर में हुई लूट की घटना से लोगों में आक्रोश है।
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