ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार हर माह करोड़ों रुपये खर्च रही है। इसी दिशा में गांवों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए गए। गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के छह गांवों में बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर स्टाफ की तैनाती नहीं होने की वजह से उन पर ताले लटके हुए हैं। जिससे गांव में सेंटर होने के बावजूद भी ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है लेकिन जिम्मेदारों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
सेहत महकमे ने गांवों के लोगों की नब्ज टटोलने व सही परामर्श मुहैया कराने के उद्देश्य से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए थे। इसका मुख्य उद्देश्य गांव के सभी लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच मुहैया कराने के साथ ही गंभीर रोगों वाले मरीजों की पहचान करना है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) व एएनएम तैनात रहती है लेकिन गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के छह गांवों में बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर स्टाफ की तैनाती नहीं होने से ताले लटके हुए हैं। ग्रामीण उनका लाभ नहीं ले पा रहे है। गांवों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर होने के बावजूद भी मरीजों को उपचार के लिए दूर-दराज अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। शिकायत के बावजूद भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र गांवों में सभी लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं मुहैया कराने के लिए 21 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। इनमें ओगपुरा, शीतला सराय दड़ियाल, पथरा, पोरारा, काई मुस्तकम, जयतौली, रुखालू, चंदनकोटा, गंगा चोली, छपना, रहरई, मंगरौला, खुर्तियां, दौरारा, सिमथला, खरपड़ी, सिरसा गुर्जर, ढबारसी, बुराबली, तलावड़ा आदि गांवों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बने हुए हैं। जिनमें सिमथला, खरपड़ी, तलाबडा, ढबारसी, सिरसा गुर्जर, बुराबली में बने हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर स्टाफ की तैनाती नहीं हुई है। जबकि अन्य सभी सेंटरों पर स्टाफ की तैनाती काफी समय पहले हो चुकी है।
ब्लॉक क्षेत्र के छह गांवों में बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्टाफ की कमी की वजह से बंद पड़े हैं। जिसके बारे में विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। जल्द ही सेंटरों पर स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
सौरभ त्यागी, चिकित्साधीक्षक, सीएचसी, रहरा