प्रस्तावित आरक्षण की सूची तैयार, कल से 22 के बीच अनंतिम प्रकाशन
आपत्तियों के दर्ज कराने का मौका 20 से 23 मार्च तक, 26 को फाइनल लिस्ट
छह ब्लॉक प्रमुख, 597 ग्राम पंचायत, 683 बीडीसी सीट और 27 जिला पंचायत वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। पंचायत चुनाव के लिए ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य और बीडीसी सदस्यों के लिए सीटों की प्रस्तावित आरक्षण की सूची तैयार हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2015 के आधार पर सीटों के आरक्षण तय होंगे। इसका अनंतिम प्रकाशन 20,21 और 22 मार्च के बीच किया जाएगा। इसके साथ ही 20,21,22 और 23 मार्च को आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। अंतिम प्रकाशन 26 मार्च को किया जाएगा।
जिले में छह ब्लॉक, 597 ग्राम पंचायत, जिला पंचायत के 27 वार्ड, 683 बीडीसी क्षेत्रों के लिए निर्वाचन होना है। डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया कि ब्लॉक प्रमुख, ग्राम पंचायत, बीडीसी क्षेत्र और जिला पंचायत के वार्डों के आरक्षण का चार्ट तैयार हो गई है। इसके लिए 2015 के प्रावधानों को अपनाया गया है। डीएम उमेश मिश्र की ओर से ग्राम पंचायत, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत क्षेत्र और बीडीसी क्षेत्रों के आरक्षण का अनंतिम प्रकाशन 20,21 और 22 मार्च के बीच किया जाएगा। इसके साथ ही 20,21, 22 और 23 मार्च के बीच में आपत्ति का मौका है। जिलास्तरीय समिति 24 और 25 मार्च के बीच आपत्तियों का परीक्षण, निस्तारण और अंतिम रुप से सूची तैयार करेगी।
ब्लॉक प्रमुुख के लिए तीन आरक्षित, एक साथ कार्रवाई शुरु
अमरोहा, जोया, हसनपुर, गंगेश्वरी, धनौरा और गजरौला ब्लॉक शामिल है। इनमें एक ब्लॉक अनुसूचित जाति महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग और तीन ब्लॉक प्रमुख के पद अनारक्षित रहेंगे। ब्लॉक प्रमुखों के लिए आरक्षण की सूची भी साथ में तैयार हो रही है।
सबसे पहले अनुसूचित जाति, ओबीसी और उसके बाद अनारक्षित सीट
बिरादरियों में एक तिहाई सीट संबंधित वर्ग की महिलाओं को आरक्षित
सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना 2011 और रैपिड सर्वे पर आरक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल ने बताया कि ब्लॉक में ग्राम पंचायत और बीडीसी क्षेत्र के सीटों के आरक्षण का निर्धारण सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना 2011 और रैपिड सर्वे के आधार पर होगा। सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना में अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग के लोगों की आबादी दर्ज है, जबकि रैपिड सर्वे 2015 के पहले हुई है, इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों की ग्राम पंचायत वार आबादी दर्ज है। उन्होंने मोबाइल पर बातचीत के दौरान बताया कि निदेशालय की ओर से विकास खंडों में ग्राम पंचायत, बीडीसी क्षेत्रों के आररक्षित वर्ग की निर्धारित संख्या भेजी गई है। इसके तहत अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित संख्या के गांव आरक्षित करने हैं। सबसे पहले उस जाति के सर्वाधिक आबादी वाले गांव सूची में शामिल होंगे। इसमें महिलाओं की सीट शुरुआती वाले एक तिहाई शामिल करना है। कोटा पूरा होने के बाद अन्य पिछडा वर्ग के लिए ऐसी ही प्रक्रिया अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के लिए अपनाई जाएगी। इसमें भी शुरुआती (अधिक आबादी वाले गांव) एक तिहाई गांव अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए तय रहेंगी। इसके बाद ब्लॉक की ग्राम पंचायतें अनारक्षित होंगी। इसमें शुरुआती एक तिहाई गांव महिलाओं के लिए आरक्षित करनी है।
गांव में जातियों की संख्या के लिए कार्यालय में संपर्क करें:डीपीआरओ
अमरोहा। डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया कि ब्लॉक में ग्राम प्रधान और बीडीसी सीटों के निर्धारण के लिए प्रक्रिया पारदर्शी है। सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना 2011 और रैपिड सर्वे के अनुसार सीट आरक्षित होगी। किसी गांव के व्यक्ति को बिरादरियों की संख्या के बारे में दुविधा हो तो वह कार्यालय में संपर्क कर सकता है। जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत की सामाजिक आर्थिक और जातिगत गणना और रैपिड सर्वे का ब्योरा है। शासनादेश के किसी तरह के उल्लंघन की गुंजाइश नहीं है। डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया कि कार्यालय में जानकारी दी जाएगी।
यह है ब्लॉकवार ग्राम पंचायतों के आरक्षण की संख्या
अनुसूचित जाति महिला
जोया-9, अमरोहा-7, धनौरा-7, गजरौला-6, गंगेश्वरी-6 और हसनपुर-7
अनुसूचित जाति
जोया-18 अमरोहा-12, धनौरा-13, गजरौला-11, गंगेश्वरी-10 और हसनपुर-11
अन्य पिछड़ा वर्ग महिला
जोया-12, अमरोहा-11, धनौरा-9, गजरौला-8, गंगेश्वरी-8 और हसनपुर-8
अन्य पिछड़ा वर्ग
जोया-24, अमरोहा-20, धनौरा-16, गजरौला-15, गंगेश्वरी-16 और हसनपुर-16
महिला
जोया-25, अमरोहा-20, धनौरा-14, गजरौला-14, गंगेश्वरी-15 और हसनपुर-14
अनारक्षित
जोया-49, अमरोहा-44, धनौरा-30, गजरौला-30, गंगेश्वरी-32 और हसनपुर-29
पहले एक महीने में प्रक्रिया, अब महज नौ दिन में
अमरोहा। सीटों के आरक्षण का निर्धारण महज नौ दिन में निपटाना होगा। इससे पहले एक महीने में प्रक्रिया खत्म हो रही थी, लेकिन नौ दिन में प्रक्रिया को खत्म करना होगा। अब अनंतिम प्रकाशन के साथ ही आपत्ति ली जाएंगी। इसके अलावा आपत्तियों के एकत्रीकरण और अंतिम सूची तैयार एक साथ की जाएगी।