अमरोहा। युवती के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दुकानदार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी जमानत पर बाहर था, दोष सिद्ध होने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है।
यह घटना अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के एक गांव में 3 अगस्त 2017 की है। यहां पर किसान का परिवार रहता है। वहीं साहिर उर्फ पाकू नाम का युवक परचून की दुकान चलाता था। किसान की 19 वर्षीय बेटी साहिर की दुकान से सामान लेने जाती रहती थी। घटना वाली रात करीब नौ बजे वह सामान लेने गई थी। लेकिन वह काफी देर तक घर नहीं लौटी थी। लिहाजा परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कोई सुुराग नहीं लगा। चार अगस्त की सुबह ग्रामीणों ने बताया कि युवती दुकानदार साहिर के साथ एक बगिया में देखी गई है। थोड़ी ही देर में परिजन एकत्र होकर मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने युवती को आरोपी के चंगुल से बचाया था। इस दौरान आरोपी धमकी देता हुआ फरार हो गया था। युवती ने परिजनों को आपबीती बताई थी। पिता ने आरोपी साहिर उर्फ पाकू के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, एससीएसटी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (एससीएसटी एक्ट) अवधेश कुमार द्वितीय की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष अभियोजन अधिकारी शहंशाह आलम ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने साहिर उर्फ पाकू को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है। सुनवाई के बाद आरोपी को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है।