यह घटना तीन साल पहले मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के गांव में हुई थी। गांव निवासी किसान की 14 वर्षीय बेटी को गांव का ही केशव नौ अक्तूबर 2021 की रात बहला फुसलाकर दिल्ली ले गया था। अगले दिन परिवार के लोगों ने किशोरी को काफी तलाश किया, लेकिन उसका पता नहीं चला था। मामले में परिजनों ने आरोपी केशव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कराया था। पहले भी केशव ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। जिससे वह करीब तीन महीने की गर्भवती हो गई थी।
दिल्ली ले जाकर भी केशव ने किशोरी के साथ दो दिन तक दुष्कर्म किया था। पुलिस ने चौथे दिन किशोरी को बरामद कर आरोपी केशव को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराया तो वह करीब तीन महीने की गर्भवती निकली। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई।
मामले में किशोरी के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी केशव के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की गई। पुलिस ने केशव को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम हेमलता त्यागी की अदालत में चल रही थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रतनलाल लौधी पैरवी कर रहे थे। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई थी और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी केशव को दोषी करार दिया। साथ ही उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
कोर्ट की टिप्पणी
अभियुक्त द्वारा किया गया अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया जो न केवल अव्यस्क बच्चे के प्रति बल्कि समाज के प्रति भी घोर अपराध है। लैंगिक अपराध का प्रभाव बच्चे के पूरे जीवन पर रहता है। ताउम्र बच्चा अपने साथ हुए हादसे को भूल नहीं पता है। उसके साथ हुए अपराध की भरपाई किसी सजा से नहीं हो पाती है। इसलिए अभियुक्त को बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों के मामले में दंडित करने में कोई छूट देना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता है।
तबीयत बिगड़ने पर हो गया था गर्भपात
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि मेडिकल प्रक्रिया और कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद किशोरी अपने घर पर थी। तभी अचानक किशोरी की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने किशोरी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका गर्भपात हो गया था।