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Amroha News: पत्नी की हत्या में उम्रकैद, 50 हजार जुर्माना भी

Sat, 22 Nov 2025 02:41 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। जहर देने के बाद मुंह दबाकर पत्नी मानवती की हत्या करने में दोषी पति बलराम को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने बलराम को दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी के आरोप में बरी कर दिया है। गिरफ्तारी के बाद से ही महिला का पति जेल में बंद है।
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सैदनगली थानाक्षेत्र के तरारा गांव निवासी जसवंत सिंह ने बेटी मानवती की शादी 20 मई 2013 को मटैना गांव निवासी बलराम के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज को लेकर खुश नहीं थे। वह मानवती को प्रताड़ित करते थे। मानवती पर दो बेटे व एक बेटी हैं। मानवती का पति दहेज में कार की मांग करता था। इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच कई बार पंचायत भी हुई थी।
27 अप्रैल 2022 को जसवंत सिंह भाइयों के साथ मानवती की ससुराल पहुंचे और समझाने का प्रयास किया लेकिन बलराम उनके सामने ही मानवती की पिटाई करने लगा। कुछ देर में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और बलराम को समझाकर विवाद निपटा दिया था। इसके बाद जसवंत भाइयों के साथ घर लौट आए। आरोप है कि उसी दिन शाम करीब छह बजे बलराम ने मानवती को जहरीला पदार्थ खिला दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
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मायके वालों के पहुंचने से पहले भाग गए थे ससुराल वाले
सूचना पर जसवंत सिंह परिजनों के साथ बेटी की ससुराल पहुंच गए लेकिन इससे पहले बलराम व अन्य ससुराल वाले घर से भाग गए थे। पुलिस ने मानवती के शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसमें जहर देने के बाद मुंह दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। जसवंत सिंह ने बलराम समेत बेटी के ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने अभियुक्त बलराम को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था तभी से वह जेल में बंद है। पुलिस ने अपनी विवेचना के दौरान ससुराल पक्ष के अन्य छह लोगों के नाम निकालकर बलराम के खिलाफ हत्या की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया था।
कोर्ट ने 32 पेज में सुनाया फैसला
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की अदालत में चल रही थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर अभियुक्त बलराम को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और दोषी बलराम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ की 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने 32 पेज में अपना फैसला सुनाया है। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने बलराम को दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी के आरोप में बरी कर दिया है।
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