बायोडायवर्सिटी पार्क में तेंदुआ
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महीनों से दहशत का पर्याय बनी मादा तेंदुआ क्षेत्र के नौरान गांव में खरगोश पकड़ने के लिए लगाए गए फंदे में फंस गई। तड़के साढ़े पांच बजे किसान खेत की सिंचाई करने गया तो तेंदुए को फंसा देख उसके होश उड़ गए। गांव में खबर करने के साथ ही उसने थाना पुलिस और वन विभाग के अफसरों को सूचना दी। टीम के नहीं पहुंचने पर दोपहर 12.50 बजे वन विभाग ने ग्रामीणों और थाना पुलिस की मदद से पिंजड़े में तेंदुए को कैद किया किया जा सका।
क्षेत्र के नूरान गांव निवासी रमेश के गेहूं खेत में खरगोशों का बड़ा नुकसान हो रहा है। उसके कहने से पिलक सराय गांव के कंजर जाति के लोगों ने रविवार की शाम खरगोश पकड़ने के लिए रमेश के खेत में लोहे की क्लिप नुमा फांस लगा दिया। सोमवार की तड़के 5.30 बजे नूरान गांव के किसान बृजपाल सिंह खेत की सिंचाई करने पहुंचे। तेंदुए को फंसा देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने गांव के ही जगवीर सिंह चौहान, लालू नगला चौकी इंचार्ज रामकिशोर और वन विभाग के अफसरों को तेंदुए के जाल में फंसे होने की सूचना दी।
क्षेत्र में इससे पहले तेंदुए ने कई ग्रामीणों की बकरियों आैर कुत्तों काे निवाला बनाया थ्ाा। लोगों में दहशत थ्ाी। लिहाजा तेंदुए के कैद होने की खबर क्षेत्र के गांवों में फैल गई। आसपास के गांवों के हजारों लोग उसे देखने जंगल की ओर दौड़े।
दोपहर 12.50 बजे वन विभाग के अफसरों ने ग्रामीणों और थाना पुलिस की मदद से किसी तरह तेंदुए पर दरी डालकर उसको पिंजड़े में कैद किया। लोहे के फंदे में पैर में फंसा होने के कारण तेंदुआ जख्मी हो गया था। वन विभाग के लोग पिंजड़ा ट्रैक्टर ट्राली में लाद कर ले गए। अफसरों के अनुसार उसे उपचार कराने के बाद वन में छोड़ेंगे। देहात और नौगावां सादात थानाक्षेत्र में पिछले तीन माह से तेंदुए का जबरदस्त आतंक था।