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सदरपुर के जंगल में तेंदुए ने नीलगाय को मार डाला, दहशत बरकरार

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हसनपुर(अमरोहा)। क्षेत्र में तेंदुए की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार रात क्षेत्र के गांव सदरपुर के जंगल में तेंदुए ने नीलगाय पर हमला कर मार डाला। यह वहीं जंगल है जहां पांच दिन पहले तेेंदुए के जैसे तीन शावकों को पकड़ा गया था। ग्रामीणों के मुताबिक मादा तेंदुआ शावकों की तलाश में भटक रही है। वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर तेंदुए की तलाश की। भाकियू नेताओं ने लापरवाही का आरोप लगाकर वन विभाग की टीम के साथ नोकझोंक की। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ।
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29 जून को गांव रजोहा ग्राम पंचायत के गैर आबाद रकबे झुलपुरी के जंगल में ग्रामीणों को तेंदुए के जैसे तीन शावक दिखाई दिए थे। वन विभाग की टीम ने शावकों को पकड़ कर उन्हें जंगली बिल्ली के बच्चे बताया था। वहीं ग्रामीणों द्वारा तेंदुए के शावक होने की बात की गई थी। इसके बाद शुक्रवार शाम को उसकी के पास गांव हाफिजपुर के जंगल में नीलगाय का पीछा करते हुए कुछ ग्रामीणों ने तेंदुए को देखने का दावा किया। शनिवार सुबह को नीलगाय का घायल शव जंगल में ग्रामीणों ने देखा तो वन विभाग के अफसरों को सूचित कर दिया। बीट प्रभारी ताहिर हुसैन टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। यहां एक गन्ने के खेत को घेर लिया। गन्ने के खेत में तेंदुए के होने का शक था। काफी समय तक ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने तेंदुए की तलाश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस दौरान भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष काले सिंह चौहान ने वन अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि लापरवाही की वजह से तेंदुए को पकड़ा नहीं गया है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। नीलगाय के शव को पीएम के बाद दफनाया गया।
-क्षेत्र में नीलगाय का शव मिला। वह पीछे टांग की तरफ से घायल थी। अगर तेंदुआ हमला करता तो गर्दन की तरफ से हमला करता। हो सकता है जंगली कुत्तों ने हमला किया होगा। ज्यादा खून बहने से उसकी मौत हो गई। फिर भी तेंदुए की तलाश कराई जा रही है।----सुभाष चौधरी, वन क्षेत्राधिकारी हसनपुर।
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