रजबपुर। जिले में तेंदुए की दहशत बढ़ती जा रही है। कांकरसराय और पीठखेड़ा के बाद शनिवार को अतरासी गांव में एक ही दिन में दो स्थानों पर तेंदुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडे और टॉर्च लेकर जंगल में तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं मिला।
ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। अतरासी निवासी मोहम्मद उमैर शनिवार दोपहर कब्रिस्तान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पिलखन के पेड़ पर तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। पास में बच्चे खेल रहे थे। उमैर ने शोर मचाकर बच्चों को वहां से हटाया। शोर सुनकर तेंदुआ पेड़ से उतरकर जंगल की ओर भाग गया।
देर शाम गांव के पूर्वी हिस्से में एक घर के पास भी तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। सूचना फैलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खेतों व जंगल में उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ लगातार आबादी के आसपास पहुंच रहा है, जिससे बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पिछले दिनों कांकरसराय, पीठखेड़ा, नौगावां सादात, मंडी धनौरा और गजरौला में भी तेंदुआ दिखाई दे चुका है। डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि अतरासी में टीम भेजकर तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी कराई जा रही है। जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाया जाएगा।