अमरोहा। पशुओं के लिए चारा लेने पहुंचे किसान पिता-पुत्र का अचानक तेंदुए से सामना हो गया। दोनों कुछ समझ पाते, इससे पहले ही तेंदुआ उनकी ओर झपट पड़ा। पिता-पुत्र शोर मचाते हुए पीछे की ओर भागे तो तेंदुआ भी कुछ दूर तक उनके पीछे दौड़ा। किसी तरह दोनों गांव पहुंचे और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग जंगल में पहुंचे लेकिन तेंदुआ दिखाई नहीं दिया।
कांकर सराय निवासी किसान अहसान अली बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे अपने छोटे बेटे अरमान अली के साथ खेत पर गए थे। दोनों पड़ोसी किसान हारून और यासीन के खेतों की मेड़ के पास पहुंचे ही थे कि उन्हें तेंदुआ दिखाई दिया। अरमान के मुताबिक, उसके पिता पीछे चल रहे थे और वह आगे था। दोनों के करीब पहुंचते ही तेंदुआ अचानक झपट पड़ा। खतरा भांपकर दोनों शोर मचाते हुए गांव की तरफ भागे। तेंदुए के कुछ दूरी तक पीछा करने से उनकी घबराहट और बढ़ गई।
घर पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों को बताया तो लोग लाठी-डंडे लेकर जंगल में पहुंचे और काफी देर तक तलाश की लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि कांकर सराय, मीरा सराय, जोया मार्ग पर श्यामपुर और आसपास के जंगलों में करीब डेढ़ माह से तेंदुआ बार-बार दिखाई दे रहा है। सराफत हुसैन, श्याजुउद्दीन, नईम अहमद और ताहिर हुसैन समेत कई किसानों के तेंदुआ देखने का दावा है। लगातार हो रही मौजूदगी के कारण किसान खेतों पर अकेले जाने से बच रहे हैं। इसका असर खेती के काम पर भी पड़ रहा है।
किसानों के मुताबिक गन्ना, धान समेत अन्य फसलों में खाद और कीटनाशक का छिड़काव समय से नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए की लगातार सूचना के बावजूद वन विभाग की टीम उसे पकड़ने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। किसानों ने जंगल में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।