नौगांवा सादात। जिले में तेंदुए की दहशत बरकरार है। शुक्रवार को तेंदुए ने नीलगाय के बच्चे को दबोच लिया। नीलगाय के बच्चे की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों को देखा तेंदुआ भाग निकला। ग्रामीणों ने जख्मी हालत में बच्चे को खेत से बाहर निकाला। वन विभाग के अधिकारी उसे डीएफओ कार्यालय ले गए और उपचार शुरू करा दिया है। वन अधिकारियों की मानें तो नीलगाय के बच्चे के बचने की उम्मीद कम है।
नौगांवा सादात के तख्तपुर गांव के पास किसान शशि कुमार का खेत है। जिसमें गन्ने की फसल खड़ी हुई है। शुक्रवार की दोपहर गन्ने के खेत में तेंदुए ने नीलगाय के बच्चे को मुंह में दबा लिया। तेंदुए के पकड़ते ही नीलगाय के आवाज करने लगा। तभी गांव के रहने वाले रूपेश, ललित और मनीष खेत में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि तेंदुआ नीलगाय के बच्चे को मुंह में दबाए हुए था। ये देखकर तीनों गांव की तरफ दौड़ पड़े और जानकारी ग्रामीणों को दी। ग्रामीण लाठी डंडों से लैस होकर पहुंचे जहां तेंदुए को देखा गया था। तेंदुआ ग्रामीणों का शोर सुनकर नीलगाय के बच्चे को छोड़कर भाग गया।
ग्रामीण जख्मी नीलगाय के बच्चे को उठाकर गन्ने के खेत से बाहर ले आए। सूचना पर पहुंचे वनकर्मी नीलगाय के बच्चे को डीएफओ कार्यालय ले गए जहां उसका उपचार शुरू कराया गया। डीएफओ एसपी सिंह ने बताया कि नीलगाय के बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। बचने की उम्मीद कम है। वहीं ग्रामीणों से सतर्कता करने की अपील की गई है। जरूरत पड़ने पर पिंजरा भी लगवाया जाएगा।