शनिवार को तहसीलदार नौगांवा सादात लकी सिंह के निर्देश पर लेखपाल मिट्टी से लदे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर थाने ले गए। लेकिन, आरोप था कि यहां पुलिस ने लेखपाल के साथ ही अभद्रता की। कोतवाल व हेड मोहर्रिर ने लेखपाल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ बाहर निकाल दिया। लेखपाल ने इसकी सूचना तहसीलदार और अन्य लेखपालों को दी। जिससे लेखपाल संघ में गुस्सा भड़क गया। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सचिन यादव के नेतृत्व में लेखपालों ने कोतवाली के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। कोतवाल व हेड मोहर्रिर के तबादले की मांग करने लगे। एसडीएम नौगांवा सादात बृजपाल सिंह, तहसीलदार लकी सिंह भी थाने पहुंचे। एडीएम न्यायिक मायाशंकर यादव ने दोनों पक्षों से बातचीत के बाद धरना खत्म करा दिया। हालांकि, लेखपाल संघ अभी भी कोतवाल व हेड मोहर्रिर के तबादले की मांग पर अड़े हैं। संघ के जिलाध्यक्ष सचिन यादव ने बताया कि आज दोनों का स्थानांतरण न होने तक संघ सोमवार से कलम बंद हड़ताल पर रहेगा।
प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठना तहसीलदार को गुजरा नागवार
शनिवार को धरने के दौरान लेखपाल थाने के बाहर धरने पर बैठे तो तहसीलदार लकी सिंह भी मौके पर पहुंचीं थी। इस दौरान उनकी पुलिस ने तीखी नोकझोंक भी हुई। उनको बैठने के लिए पुलिस ने कुर्सी भी दी, लेकिन तहसीलदार ने प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठने से इन्कार कर दिया। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ।
विवाद की जांच को डीएम ने गठित की टीम
पुलिस व लेखपाल के बीच हुए विवाद की जांच को डीएम निधि गुप्ता वत्स ने दो टीमों का गठन किया है। गठित टीमें रास्ते में सीसीटीवी कैमरों को भी जांचेगी। ट्रैक्टर पकड़ने वाली जगह पर लोगों से पूछताछ के साथ ही थाने में भी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जाएगी। उधर, ट्रैक्टर चालक कुंदन सिंह ने भी डीएम शिकायती पत्र देकर कहा कि उसके पास मिट्टी ले जाने की परमिशन थी, लेकिन उसके बाद भी उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। हालांकि, डीएम ने इस तरह का कोई भी प्रार्थनापत्र मिलने से इन्कार किया। डीएम का कहना है कि जांच के बाद प्रकरण में उचित कार्रवाई की जाएगी।