गत शनिवार को नौगांवा सादात थानाक्षेत्र में खनन में लगी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को तहसीलदार के निर्देश पर लेखपाल थाने के सुपुर्द करने के लिए पहुंचे थे। लेखपालों का आरोप है कि इस दौरान कोतवाल प्रेमपाल सिंह और हेड मोहर्रिर दिनेश कुमार ने लेखपाल के साथ अभद्रता शुरू कर दी है। आरोप लगाया कि उन्होंने तहसीलदार के बारे में भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। मौके पर तहसील के सभी लेखपाल जमा हो गए और थाने पर ही धरना शुरू कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर लेखपालों को समझाते हुए मामला शांत कराया था। लेकिन, अगले दिन तक कोतवाल के खिलाफ तबादले की कार्रवाई न होने पर लेखपाल संघ ने कलमबंद हड़ताल का ऐलान कर दिया और जिले की सभी तहसीलों में लेखपाल धरने पर बैठ गए।
धरना शुरू होने के बाद मंगलवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने लेखपाल संघ के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए भी बुलाया, लेकिन तबादले से कम की मांग पर लेखपालों ने धरना खत्म करने से इन्कार कर दिया। लगातार तीन दिन धरना चलने के बाद बुधवार उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने संपूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार करने की घोषणा भी कर दी है। जिलाध्यक्ष सचिन यादव ने बताया कि लेखपालों का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक लेखपाल आईजीआरएस, आय, जाति, निवास व विरासत आदि से जुड़े कोई कार्य नहीं करेंगे। धरने में जिलाध्यक्ष सचिन यादव, तहसील अध्यक्ष प्रशांत कुमार, सचिव दिवाकर सिंह, प्रशांत यादव, गौरव शर्मा, सतीश कुमार व मुकुल सिंह आदि शामिल रहे।
मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर। संवाद
मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर। संवाद