अमरोहा। डिजिटल रजिस्ट्री के विरोध में अमरोहा सदर तहसील में वकीलों का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। हड़ताल के 16वें दिन अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया, जिससे तहसील परिसर में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। बार एसोसिएशन जनपद अमरोहा ने तहसील के अधिवक्ताओं के समर्थन में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपकर योजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
बार एसोसिएशन अमरोहा के अध्यक्ष कपिल कुमार चिकारा ने अमरोहा, हसनपुर, मंडी धनौरा और नौगावां सादात की बार एसोसिएशनों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि निजी कंपनी के माध्यम से रजिस्ट्री कराने की व्यवस्था से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों, मुंशियों और टाइपिस्टों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। कहा कि ई-रजिस्ट्री योजना के विरोध में चारों तहसीलों के अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर, मुंशी और टाइपिस्ट 11 जून से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ई-रजिस्ट्री योजना को समाप्त कर रजिस्ट्री कार्य पूर्व की व्यवस्था के अनुसार कराया जाए।
साथ ही महानिरीक्षक निबंधन के आदेश को वापस लेने, रजिस्ट्री कार्य किसी भी निजी कंपनी को ठेके पर देने का निर्णय निरस्त करने, वर्तमान पारदर्शी व्यवस्था को यथावत रखने तथा अधिवक्ताओं एवं संबंधित कर्मियों के रोजगार और वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को शीघ्र लागू करने की भी मांग उठाई गई। कहा कि किसानों की खतौनियों में अंश संबंधी त्रुटियों के कारण निजी कंपनियों के माध्यम से होने वाली रजिस्ट्रियों से आम लोगों को भविष्य में न्यायिक जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जनहित और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।
इस दौरान महासचिव अरशद हुसैन भारती, अमरोहा तहसील बार अध्यक्ष शकील अहमद सैफी, सचिव संजीव कुमार, हसनपुर बार अध्यक्ष गजेंद्र सिंह, सचिव ब्रज किशोर, नौगावां बार अध्यक्ष सर्वेंद्र यादव, सचिव संजीव कुमार, धनौरा बार अध्यक्ष संदीप गुप्ता, सचिव हितेश कुमार मौजूद रहे।