अमरोहा। तिगरी में पर्यटन स्थल विकसित करने को जमीन की तलाश की जा रही है। इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से श्रद्धालुओं को फायदा मिलेगा।
इससे पहले विधायक की मांग पर तिगरी गंगा किनारे पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन जांच में वह भूमि वन्यजीव अभयारण्य की सीमा में पाई गई। इसके चलते योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब प्रशासन नए सिरे से जमीन तलाश रहा है। जमीन मिलते ही पर्यटन विकास से जुड़े कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। तिगरी में पर्यटन स्थल बनने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। तिगरीधाम से एक से दो किलोमीटर के दायरे में 10 से 15 एकड़ जमीन चिह्नित करने के लिए कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में एसडीएम धनौरा को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि उपनिदेशक पर्यटन (मुरादाबाद मंडल) को सदस्य एवं संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा वन क्षेत्राधिकारी, सिंचाई विभाग के क्षेत्रीय सहायक अभियंता और पर्यटन निदेशालय के राजस्व सलाहकार को सदस्य नामित किया गया है। कमेटी किसानों से सहमति बनाकर जमीन का चयन करेगी, जिससे भूमि क्रय प्रक्रिया आसान हो सके और किसी प्रकार की अनुमति संबंधी बाधा न आए। तिगरीधाम पर प्रतिवर्ष ऐतिहासिक गंगा मेला आयोजित होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देशभर से पहुंचते हैं।
मेले के दौरान गंगा किनारे तंबुओं का विशाल शहर बसता है। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन विकास की योजना लंबे समय से विचाराधीन है। विधायक राजीव तरारा ने बताया कि इस मामले में अधिकारियों से बात कर प्रक्रिया को तेज कराया जाएगा। जिससे जल्द तिगरी में पर्यटन बनाने का काम शुरू किया जा सके। शासन स्तर पर भी इसे लेकर बात की जाएगी।