संभल। गुन्नौर तहसील के गैर आबाद गांव सुखैला हल्का क्षेत्र भौना नंगला के अंतर्गत गंगा के किनारे की 850 बीघा जमीन पर जो पट्टे हुए हैं, उनमें 20 से ज्यादा नाम ऐसे सामने आए हैं जो ग्राम पंचायत असदपुर के रहने वाले ही नहीं है। क्योंकि इस नाम के लोग मिल ही नहीं रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि यह लोग दूसरे गांव के हो सकते हैं हालांकि दूसरे गांव के लोग होने की उम्मीद भी कम है। क्योंकि फर्जी नामों पर पट्टे होने का खेल पुराना है।
29 जून 2019 को 162 लोगों के नाम पट्टे आवंटित किए गए थे। इसमें 17 पट्टे 2023 में निरस्त हो गए थे। शिकायत के बाद जांच शुरू हुई तो फर्जी तरीके से पट्टे आवंटित किए जाने का खेल सामने आया। 19 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसमें तत्कालीन एसडीएम और तहसीलदार भी शामिल हैं।
इसमें तत्कालीन एसडीएम समेत छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। अब प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नियमानुसार पट्टे ग्राम पंचायत के लोगों के ही होने चाहिए थे, भले रेत की जमीन पर आवेदन किए गए थे लेकिन इसमें ऐसे भी नाम सामने आए हैं जो गांव में रहते ही नहीं है। इसलिए इन नामों के लोगों को नोटिस नहीं दिए जा सके हैं।
0000000
महिलाओं के नाम पट्टे की सूची में शामिल
145 पट्टों की जानकारी जो प्रशासन के रिकॉर्ड में दर्ज है उसमें ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं के नाम पट्टे किए गए हैं। यह पट्टे 2019 में किए गए थे। तत्कालीन एसडीएम पर सांठगांठ कर पट्टे स्वीकृत करने का भी इसमें आरोप है। इन पट्टों को निरस्त करने की कार्रवाई को तेजी से किया जाना है। इसलिए ही नोटिस को जल्द से जल्द तामील कराने के लिए डीएम ने निर्देश दिए हैं।