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Amroha News: सफाई पर लाखों खर्च... गंदगी से पटे नालों में डूबे दावे

Tue, 05 May 2026 11:45 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। नालों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के नगर पालिका के दावे दो दिन पहले हुई हल्की बारिश में ही गंदगी से अटे से नालों में डूब गए। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। जिम्मेदार सफाई के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन शहरवासी हर साल बरसात में जलभराव की समस्या से जूझते हैं।
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नगर के मोहल्लों में हालात यह हो जाते हैं कि सड़कों पर नालों जैसा पानी बहने लगता है। हर साल नालों की सफाई तो होती है, लेकिन यह सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है। असलियत का पता बरसात के दौरान ही चलता है, जब थोड़ी सी बारिश में ही शहर पानी-पानी हो जाता है। नाला सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है और बजट हर साल साफ हो जाता है। इस बार भी मानसून से पहले शासन स्तर से सभी नालों की सफाई के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अभी तक अमरोहा समेत गजरौला, हसनपुर और मंडी धनौरा जैसे क्षेत्रों में सफाई कार्य अधूरा पड़ा है।
अमरोहा शहर के कई प्रमुख नाले अब भी कचरे, पॉलिथीन और गंदगी से पटे हुए हैं। मंगलवार को छेबड़ा, बेरियान, कटकुई और नई बस्ती क्षेत्रों में नालों की स्थिति बेहद खराब पाई गई, जहां नाले पूरी तरह चौक थे। नगर पालिका प्रशासन ने शहर के करीब 30 छोटे-बड़े नालों की सफाई के लिए लाखों रुपये बजट निर्धारित किया गया है। बड़े नालों की सफाई जेसीबी मशीन से और मोहल्लों की नालियों की सफाई सफाईकर्मियों से कराई जाती है।
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अतरासी रोड, टीपी नगर चौकी, कैलसा रोड, बिजनौर रोड, मंगलवार बाजार और जोया रोड जैसे इलाकों में नाले कचरे से भरे पड़े हैं। ऐसे में यदि समय रहते सफाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बारिश के दौरान शहर और कस्बों में गंभीर जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है। हालांकि, शहर में गांधी मूर्ति चौराहे और बिजनौर रोड पर नालाा सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।

शहर के मोहल्ला छेबड़ा में नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। सफाई कर्मी सही तरह से नाले की सफाई नहीं करते। जिसकी वजह से नाले का पानी सड़क पर बहने लगता है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में तो और भी ज्यादा हालात खराब हो जाते हैं। - मोहम्मद शरीफ, बेरियान

नाले की सफाई उसकी तली तक ठीक तरह से होनी चाहिए। पालिका कर्मी नाले की सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाते हैं। नाले में गंदगी पसरे रहने से जहरीले मच्छर पैदा होते हैं और संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। बारिश के मौसम से पहले ही नाले की सफाई होनी चाहिए।- मोहम्मद असलम, छेबड़ा

कटकुई नई बस्ती में हर सप्ताह नाले की सफाई होती है। लेकिन पता नहीं नाले में इतनी गंदगी कहां से आ जाती है। नाले की सफाई आधी-अधूरी होती है। तली तक नाले की सफाई होनी चाहिए। जिससे जहरीले मच्छर पैदा न हो सकें और बारिश के मौसम में भी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े।-बल्लू सिंह, कटकुई नई बस्ती

हर पंद्रह दिनों में पालिका को नालों की सफाई करानी चाहिए। जिससे बारिश के मौसम में सड़कों पर जलभराव न हो। पालिका नाला निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। जबकि नाला सफाई के नाम पर कुछ भी नही है। आधे-अधूरे नाले की सफाई होती है। -दानिश, कटकुई नई बस्ती
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