रजबपुर। गांव कूबी में धरने के दौरान हुई किसान सुरेंद्र शर्मा की मौत के बाद से किसानों में लगातार गुस्सा पनप रहा है। सोमवार को भी किसान सुबह ही धरना स्थल पहुंच गए और मध्य गंगा नहर में अधिग्रहित हुई भूमि के मुआवजे की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। यही नहीं नौगांवा सादात विधायक समरपाल सिंह व कांग्रेस नेताओं ने भी किसानों से मुलाकात कर उनकी मांग शासन तक पहुंचाने की बात कही।
साल 2011 में रामपुर घना, मोहनपुर एवं घंसूरपुर तथा साल 2012 में गांव कूबी में मध्य गंगा नहर के लिए किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन, किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिला। लंबे समय से किसान वर्तमान सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा मिलने की मांग कर रहे हैं। वहीं, 23 फरवरी 2023 से कूबी में धरनारत हैं। रविवार को धरने के 529वें दिन दिव्यांग किसान सुरेंद्र शर्मा (45) की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने मृतक किसान का शव धरना स्थल पर रखकर हंगामा किया था। प्रशासन द्वारा आर्थिक मदद का आश्वासन मिलने पर मामला शांत हुआ। किसान की मौत के बाद से ग्रामीणों ने गुस्सा है।
मंगलवार को सुबह आठ बजे ही किसान धरना स्थल पर पहुंच गए। किसान रुमाल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, देवराज सिंह, ब्रजपाल सिंह, सत्यपाल सिंह, राजवीर सिंह, मायाराम, सुखवीर सिंह, काले सिंह आदि ने कहा कि अब मुआवजा लेकर ही दम लेंगे। उधर, नौगांवा सादात के सपा विधायक समरपाल सिंह ने भी किसानों से मुलाकात कर सुरेंद्र शर्मा की मौत पर दुख जताया। कहा कि सरकार ने उनकी अनदेखी की है, यदि सरकार चाहती तो किसानों का उनका हक मिल सकता था। वह इस मुद्दे का विधानसभा में उठाएंगे। उनके अलावा कांग्रेस के जिला महासचिव शाहिद खेड़ी भी धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की।