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तेज बारिश के बीच जन्मे कन्हाई, नंद घर गूंजी बधाई

Tue, 04 Sep 2018 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,अमरोहा।
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ढबारसी में रामडोल शोभायात्रा में सजी झांकी में कृष्ण रूप में सजे बच्चे। - फोटो : amar ujala
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दोपहर बाद से झमाझम बारिश हुई। कान्हा के जन्मदिन पर मौसम सुहावना रहा। बारिश ने कृष्ण जन्म के समय की याद दिला दी। लेकिन बारिश के चलते भी कृष्ण जन्म की खुशियां कुछ कम नहीं हुईं। शाम तक बारिश जारी रही। लेकिन लोगों ने जन्मोत्सव की तैयारियां जारी रखींं। हालांकि मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। लेकिन जन्मोत्सव के उल्लास में कोई कमी नहीं आई। बारिश से जलभराव के चलते काफी दिक्कतें आईं। 
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सोमवार को नगर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। दोपहर से लेकर शाम तक कान्हा के जन्मदिन पर इंद्रदेव बरसे। इससे मौसम सुहावना रहा। साथ ही बारिश पड़ने के कारण जगह-जगह जलभराव हो गया। सड़कों से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ा। शहर के मुख्य मार्गों पर जलभराव होने से राहगीरों को ऑटो का सहारा लेना पड़ा। देर शाम मंदिरों में बारिश के कारण संख्या प्रभावित तो थी, लेकिन श्रद्धालुओं ने उल्लास में कमी नहीं आने दी। 
मंदिरों, घरों, पुलिस लाइन, थाने में जन्माष्टमी के अवसर पर भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। बच्चों और बड़े सभी श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे रहे। रात 12 बजे जैसे ही रोहिणी नक्षण में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो पूरा जनपद नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, भजन से गूंज उठा। श्रद्धालुओं माखन भरी मटकी फोड़ जमकर झूमे। लड्डू गोपाल को पालने में झूलाया गया।        
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 सोमवार को शहर के मोहल्ला कोट स्थित प्रसिद्ध रियासत वाला मंदिर, कामनाथ मंदिर, वासुदेव मंदिर, बड़ा बाजार स्थित प्रसिद्ध गंगानाथ मंदिर सहित गांव-गांव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़े की उल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान रंग-बिरंगी बिजली के झालरों और सुंदर पोशाकों से सजी झांकी आकर्षण का केंद्र रहीं। राधा-कृष्ण की छोटे बच्चों की झांकी ने मन मोह लिया। भजन संध्या के दौरान आकर्षक झांकियों ने मन मोह लिया। मंदिरों को घरों में भजन संध्या आयोजन किया गया। इसमें भगवान कृष्ण के भजनों का गुणगान हुआ। रात्रि में चांद दिखने के बाद श्रद्धालुओं ने अर्घ्य देकर व्रत खोला। इस दौरान घरों में विभिन्न तरह के पकवान बनाए गए। वहीं, सभी मंदिरों ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती की गई। श्रीकृष्ण के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
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