बताया गया कि गंगेश्वरी ब्लाक के गांव कसाईपुरा का किसान यादराम बीते दो साल से हदबंदी के लिए सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगा रहा था। किसान के बेटे ने आरोप लगाया है कि समय रहते यदि हदबंदी कर दी जाती तो उसके पिता की जान बच सकती थी। किसान की मौत से कोहराम मच गया।
गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र के गांव कसाईपुरा निवासी यादराम पुत्र थान सिंह (60) ने तीस सितंबर वर्ष 2014 में न्यायालय सहायक कलेक्टर उप जिलाधिकारी के यहां खेत की हदबंदी की अर्जी दी थी। इस मामले में एसडीएम ने कच्ची हदबंदी के आदेश कर दिए। जिस पर तत्कालीन राजस्व निरीक्षक ने सरकारी शुल्क पंद्रह सौ रुपये रुपये जमा कराके कच्ची हदबंदी करा दी थी। इसके बाद तीस अप्रैल वर्ष 2015 को एसडीएम के यहां पक्की हदबंदी के लिए प्रार्थना पत्र दिया और पंद्रह सौ रुपये सरकारी शुल्क जमा भी कर दिया।
जिस पर एसडीएम ने पत्रावली तहसील को भेज दी। इस बीच किसान ने कई बार राजस्व निरीक्षक के पास चक्कर लगाए, लेकिन राजस्व निरीक्षक ने साल भर में भी काम नहीं किया और फाइल को दबाए रहा।