गजरौला (अमरोहा)। रविवार की देर रात हाईवे पर बाइकों एवं उत्तराखंड परिवहन निगम की टेक्निकल वैन (क्रेन) के बीच हुई भिड़ंत में बाइक की टंकी फटने के बाद लगी भीषण आग में झुलसकर मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि गजरौला से जल चढ़ाने अपनी पत्नी और पुत्री के संग ब्रजघाट जा रहे युवक और उसकी पुत्री ने भी देर रात मेरठ में दम तोड़ दिया। पत्नी की हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ से मुरादाबाद लाया गया है। वहीं क्रेन चालक समेत दो अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी लोग अलग-अलग बाइकों पर कांवड़ लेने ब्रजघाट जा रहे थे।
नगर में मंडी समिति रोड पर मोहल्ला मायापुरी में रहने वाले ताराचंद मूलरूप से गांव शेरगढ़ निवासी थे। रविवार की रात ताराचंद अपनी पत्नी पूनम, बेटी खुशी और बेटे आशु के साथ बाइक से ब्रजघाट कांवड़ लेने जा रहे थे। दूसरी बाइक पर उनके मौसेरे ससुर दयाराम और सास गांव दरियापुर निवासी लक्ष्मी भी चल रही थीं। वहीं तीसरी बाइक पर उनका साला सैदनगली निवासी अनुज अपनी पत्नी प्रवेश पुत्र मनीष और शिवम के साथ थे। बाइक पर सवार लक्ष्मी की आग में झुलस कर मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि क्रेन चालक सतपाल निवासी मनिहाखेड़ा थाना बिलासपुर रामपुर बुरी तरह झुलस गया था। बाइकों पर सवार अन्य लोग भी झुलसे थे। ताराचंद और उसकी पुत्री आठ वर्षीय पुत्री खुशी को मेरठ के लिए रेफर कर दिया था। देर रात दोनों की वहीं मौत हो गई। ताराचंद की पत्नी पूनम का मुरादाबाद के अस्पताल में उपचार चल रहा है। उसकी हालत भी नाजुक बनी हुई है। वहीं अन्य घायलों की हालत मेें भी अभी सुधार नहीं होने की बात पुलिस ने कही है।
घर में लगा रहा ताला, पड़ोस में नहीं जले चूल्हे
गजरौला। हादसे में ताराचंद का पूरा परिवार ही उजड़ गया। उनकी और आठ वर्षीय पुत्री की मौत की खबर मिलने के बाद मोहल्ले में सन्नाटा छा गया। वहीं उनके घर पर भी ताला लगा रहा। पत्नी पूनम की भी हालत में सुधार नहीं है और वह मुरादाबाद के एक अस्पताल में जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रही है। वहीं हादसे में पिता-पुत्री की मौत के बाद ताराचंद के पड़ोस के कई घरों में सोमवार को चूल्हे भी नहीं जले।