शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि देश में कांग्रेस व प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेेमाल किया। कांग्रेस ने गुलाम बनाकर मुसलमानों को खत्म किया और सपा ने दंगे कराकर उनको मारा। लोगों के बीच नफरत के बीज बोए। बाबरी मस्जिद की शहादत की जिम्मेदार कांग्रेस है। सपा ने मुस्लिमों से झूठे वादे किए हैं। अब दादरी और बाबरी वाले आपस में मिल गए हैं। वह शहर के निशा पैलेस में शिया-सुन्नी उलेमा फ्रंट द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता की सरपरस्ती करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सपा-कांग्रेस गठबंधन का असली मतलब मुसलमानों को बेवकूफ बनाना है। कांग्रेस ने 55 साल के शासनकाल में उसने मुस्लिमों को गुमनाम बनाकर रखा और जड़ से खात्मा किया। अब सपा से मिल गई है। समाजवादी पार्टी ने मुस्लिमों को क्षति पहुंचाई है। 18 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया था, मगर पूरा नहीं किया।
पांच साल के शासनकाल में 500 दंगे हुए हैं, जिसमें सभी वर्गों की जबरदस्त आर्थिक व सामाजिक नुकसान हुआ। यादवों के सिवाय उसको कोई और नजर नहीं आया। मुजफ्फरनगर के दंगे के 30 हजार मुसलमान अपने घरों को नहीं लौटे हैं। उसके कातिलों को सजा नहीं दी है। वह खुलेआम घूम रहे हैं। लापता मुस्लिमों की मां का दिल ठंडा तब होगा जब कातिल को सजा मिलेगी।
दहशतगर्दी में झूठे फंसाए गए मुस्लिमों के खिलाफ सपा सरकार ने काम किया है। वक्फ बोर्ड का पूरा रिकार्ड जला दिया है। रद्दी जलने की बात सरकार कहती रही। हां, बाबरी मस्जिद की फाइल बचना जरूर कहा। सवाल उठा है कि क्या उसकी फाइल को रद्दी में डाल रखा थी। किले से मेट्रो चली तो खुद भी उसमें सवार हो गए। ऐसा सपा ने किया है। शिया-सुन्नी वक्फ संपत्तियों को बर्बाद किया है। धर्म गुरुओं पर सपा सरकार ने लाठीचार्ज कराया था, जिसमें बच्चे व औरतों को पीटा गया था। कानून व्यवस्था का मजाक उड़ाया है।
प्रदेश के विधायक व मंत्रियों ने जनता को जमकर लूटा, लेकिन अब मुसलमान संभल जाएं। बहकावे में न आएं। जो पार्टी मुसलमानों के हक की आवाज उठाए। कानून व अनुशासन लागू करे। रोजगार व शिक्षा जैसी बुनियादी कार्यों को करके प्रदेश व समाज का निर्माण करे, ऐसी पार्टी को इस बार वोट किया जाए। इस अवसर पर उलेमा फ्रंट के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती नजम थानवी, मौलाना हबीब हैदर, मौलाना मुफ्ती निजामुद्दीन कासमी, मौलाना जैनुल आब्दीन नदवी, मौलाना फैज शेरवानी समेत कई लोग मौजूद रहे।