मंडी धनौरा। नगर पालिका में सत्ता बदलते ही पानी की टंकी के अवैध कनेक्शन के नाम पर पालिका को लाखों रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आया है। नगर में करीब 350 घरों में पानी की टंकी का कनेक्शन दे दिया गया। मकान मालिकों से कनेक्शन के के लिए चार्ज वसूलकर लिया गया लेकिन उस धनराशि को पालिका कार्यालय में जमा नहीं कराया गया है। एक कनेक्शन पर करीब दो हजार रुपये का शुल्क वसूल किया जाता है।
पालिका के जलकल संस्थान पर काम करने वाला एक ठेका कर्मचारी आरोपों के घेरे में है। पालिका प्रशासन की ओर से इस धोखाधड़ी के इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है। घर घर जाकर पानी की टंकी के कनेक्शन का सत्यापन किया जा रहा है। अभी तक 75 लोगों ने अपने यहां ठेका कर्मचारी द्वारा कनेक्शन देने व शुल्क वसूलने की शिकायत कर पालिका कार्यालय में शुल्क जमाकर अपना कनेक्शन की रसीद कटवा ली है।
दिसंबर माह में निकाय चुनाव की घोषणा होने पर लोगों को लुभावने का काम शुरू कर दिया गया था। आरोप है कि इस दौरान जिन लाेगों के पास टंकी का कनेक्शन नहीं था। उनको प्राथमिकता के आधार पर टंकी का कनेक्शन देने के निर्देश दिए गए। पालिकाध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने बताया कि चुनाव के दौरान ही उनको सूत्रों से ज्ञात हुआ कि नगर में करीब 400 घरों में पानी की टंकी के अवैध कनेक्शन कर दिए गए हैं। ऐसे लोगों से वसूल किया गया शुल्क पालिका में जमा नहीं किया गया है। पालिकाध्यक्ष ने फर्जी कनेक्शन की जांच के लिए घर घर सत्यापन कराना शुरू कर दिया। सत्यापन शुरू होते ही बीते एक साल में पानी की टंकी का कनेक्शन लेने वाले लोगों में हलचल मच गई।
उन्होंने पालिका कार्यालय में संपर्क कर निर्धारित धनराशि ठेका कर्मचारी को देने की जानकारी दी। मामला तूल पकड़ा तो तमाम लोगों ने स्वयं ही पालिका कार्यालय में जाकर अपने कनेक्शन की जानकारी देना शुरू कर दिया। कनेक्शन नियमित कराने वालों की संख्या देखकर पालिका अधिकारियों के भी होश उड़ गए। पालिका अधिकारियों का अनुमान है कि करीब 350 घरों में कनेक्शन दिए गए हैं। नगर के मोहल्ला सुभाष नगर की मात्र एक गली में ही 10 अवैध कनेक्शन सामने आए हैं। ऐसे मकान मालिकों से धनराशि भी वसूल कर ली गई लेकिन वह धनराशि पालिका में जमा नहीं की गई है। नगर पालिका सदस्य संतोष देवी व पुष्पा देवी ने अधिशासी अधिकारी को शिकायती पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है। नगर पालिकाध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल का कहना है कि नगर में टंकी के अवैध कनेक्शन दिए जाने का मामला संज्ञान में आया है। घर-घर सत्यापन कराया जा रहा है। लोगों को बगैर पत्रावली व रसीद कटे कनेक्शन देने वाले दोषी कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिशासी अधिकारी को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार का कहना है कि पानी की टंकी के अवैध कनेक्शन दिए जाने के मामले की जांच की जा रही है। पालिका के साथ धोखाधड़ी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -अरुण कुमार, अधिशासी अधिकारी