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जल जीवन मिशन : धीमी प्रगति पर तीन फर्मों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

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अमरोहा। जिले में जल जीवन मिशन की प्रगति धीमी होने पर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कड़ा रुख अपनाया है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद 493 प्रस्तावित ओवरहेड टैंकों में से अब तक केवल 181 पूर्ण हुए हैं, जबकि 312 अधूरे हैं। लगभग 3849 किलोमीटर में से 3724 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का दावा किया गया है, फिर भी अधिकांश गांवों में जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति पर तीन फर्मों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है।
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सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में हर घर नल-हर घर जल योजना की समीक्षा बैठक में डीएम ने कार्यों की धीमी प्रगति और लापरवाही पर नाराजगी जताई। समीक्षा में पाया गया कि संबंधित कार्यदायी फर्में अपेक्षित गति से काम नहीं कर रहीं और नियमित जलापूर्ति सहित कई मामलों में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। इस पर डीएम ने एसपीएमएल, एलसी इंफ्रा और ओमिल फर्मों के खिलाफ शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है, इसलिए अधूरे कार्य तेजी से पूरे किए जाएं। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु करने, पाइपलाइन लीकेज व शिकायतों के त्वरित निस्तारण और सड़कों के रेस्टोरेशन कार्य गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। नगर पालिका क्षेत्र की पूर्ण परियोजनाएं शीघ्र हैंडओवर करने को भी कहा गया।
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बैठक में प्रत्येक विकासखंड में महिला पंप ऑपरेटर नियुक्त कर प्रशिक्षण देने, शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन वाले गांवों में सबमर्सिबल मुक्त गांव अभियान चलाने तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जल कनेक्शनों की जांच कराने के निर्देश भी डीपीआरओ को दिए गए। बैठक में जल निगम के अधिशासी अभियंता चंद्रहास, सहायक अभियंता शहरोज आरिफ समेत संबंधित अधिकारी और फर्मों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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बजट रोका, 90 फीसदी कार्य वाले गांवों को ही मिलेगी धनराशि
अमरोहा। जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर शासन ने सख्त कदम उठाते हुए योजना से जुड़ा बजट रोक दिया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में अमर उजाला में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए शासन ने यह निर्णय लिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब केवल उन्हीं गांवों को धनराशि जारी की जाएगी, जहां योजना का कार्य 90 प्रतिशत या उससे अधिक पूरा हो चुका है। जिन गांवों में कार्य अधूरा है या प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां फिलहाल बजट रोक दिया गया है। पहले सभी चयनित गांवों को योजना के तहत नियमित रूप से धनराशि उपलब्ध कराई जा रही थी। लंबे समय से कई गांवों में ओवरहेड टैंक अधूरे पड़े हैं और पाइपलाइन बिछाने के बावजूद जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है, जिस पर लगातार सवाल उठ रहे थे। वहीं, ग्रामीणों को उम्मीद है कि शासन की इस सख्ती के बाद योजना के अधूरे काम जल्द पूरे होंगे और उन्हें स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सकेगी। संवाद
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