प्रधान के ममेरे ससुर इशरत अली के हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इशरत अली के कारण मुख्य हत्यारोपी नाजिम ग्राम प्रधानी का चुनाव हार गया था। इसका बदला लेने के लिए ही नाजिम ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से तमंचा कारतूस और एक मोबाइल बरामद हुआ है।
मुख्य आरोपी नाजिम समेत पांच को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। एसपी अमित कुमार आनंद ने शुक्रवार को पुलिस ऑफिस में इशरत अली हत्याकांड का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि रहरा थानाक्षेत्र की जयतौली गांव निवासी इशरत अली की पंचायत चुनाव की रंजिश के चलते बीते सोमवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में इशरत के भाई राहत अली की तहरीर पर गांव के ही रहने वाले पूर्व प्रधान पति नाजिम, कमर, रईस उर्फ छोटू, आकिब, नाहिद खां और नजदीकी गांव शकरगढ़ी के रहने वाले विकार अहमद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। हत्याकांड की गंभीरतापूर्वक जांच की गई।
इस दौरान रहरा थाना पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस की मदद से शुक्रवार को रिहान, विकार और सलीम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि जयतौली गांव के रहने वाला नाजिम बीते पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधानी के चुनाव में अपनी हार का कारण इशरत अली को मानता था।
अगले साल फिर से ग्राम प्रधानी के चुनाव आने वाले हैं। इसलिए नाजिम ने सलीम, सरफराज, रिहान, विकार, सलीम, कमर खां, आजम के साथ मिलकर हत्याकांड की वारदात का अंजाम देने से पहले कमर खां के कोल्हू पर हत्या की योजना बनाई। इस दौरान नाजिम ने सलीम को एक कीपैड वाला मोबाइल दिया और इशरत अली पर नजर रखने के लिए कहा।
इसके बाद 20 जनवरी की सुबह मेहरपुर वाले रास्ते पर सलीम और सरफराज दोनों अलग-अलग खड़े हो गए। जबकि रिहान, नाजिम, कमर खां, व आजम कोल्हू के पास खड़े थे। दोपहर के समय इशरत अली मेहरपुर गांव से वापस जयतौली आ रहे थे, तभी सलीम ने इसकी जानकारी नाजिम को दी।
जैसे ही इशरत अली गांव के पास बनी पुलिया के पास पहुंचे, तभी आरोपियों ने इशरत अली की बाइक रोक ली और खींचकर गन्ने के खेत में ले गए। यहां सभी आरोपियों ने मिलकर इशरत अली के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। एसपी के मुताबिक पकड़े गए हत्यारोपी रिहान, विकार और सलीम के कब्जे से तमंचा कारतूस और कीपैड वाला मोबाइल बरामद कर लिया गया है।
मुख्य आरोपी नाजिम, कमर खां, आजम व सरफराज की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इस हत्याकांड में और कितने लोग शामिल हैं, उसकी भी जांच की जा रही है।