जिले में मरीजों और घायलों को अस्पताल में पहुंचाने वाली एंबुलेंस यात्रियों को भी ढो रही हैं। ऐसा ही एक मामला बृहस्पतिवार को गजरौला में देखने को मिला। शाम करीब 4:30 बजे चौपला चौकी के पास हाईवे की सर्विस रोड पर एक निजी एंबुलेंस चालक ने कई युवकों को उतारा। इस बीच एक राहगीर ने एंबुलेंस की फोटो खींच ली, जिसे उसने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
आमतौर पर एंबुलेंस घायलों या मरीजों को अस्पताल लाने ले जाने का काम करती हैं। प्रसव पीड़ा होने पर महिलाओं को भी अस्पताल पहुंचाने का जिम्मा एंबुलेंस संभाल रही हैं। मगर, कुछ चालकों ने एंबुलेंस को टैक्सी बना दिया है, जिसमें वह हाईवे पर यात्रियों को ढो रहे है। वहीं, लोगों का आरोप है कि वह पुलिस, परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मिलीभगत से बेरोकटोक सवारियां ढोई जा रही है।
बृहस्पतिवार शाम को गजरौला में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया। यहां शाम करीब 4.30 बजे चौपला चौकी के पास हाईवे की सर्विस रोड पर एक निजी एंबुलेंस आकर रुकी, जिसमें से कुछ युवक नीचे उतरे। युवकों के पास प्लास्टिक के बोरे थे। जिनमें काफी सामान भरा था। वहीं, चालक ने युवकों को उतारने के बाद फिर कुछ यात्रियों को एंबुलेंस में बैठा लिया। इस बीच सड़क किनारे खड़े कुछ राहगीरों ने अपने मोबाइल में एंबुलेंस से उतरी रहे यात्रियों की तस्वीर कैद कर ली, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसे देख लोग टिप्पणी कर रहे हैं कि एंबुलेंस अब सवारियां ढोने का काम भी कर रही हैं।
कई बार पकड़ी जा चुकी है निजी एंबुलेंस से शराब तस्करी
सात अप्रैल 2021 को हाईवे पर दौड़ती निजी एंबुलेंस से डिडौली पुलिस ने सौ पेटी हरियाणा मार्का शराब पकड़ी थी। साथ ही हरियाणा के सोनीपत और गजरौला के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था। पुलिस को एंबुलेंस से तीन नंबर प्लेट मिली थीं, जो फर्जी निकली थी। पुलिस ने शराब तस्करों और एंबुलेंस अज्ञात मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पकड़े गए शराब तस्करों ने अपना नाम पुष्पेंद्र उर्फ पप्पी निवासी फोंदापुर थाना गजरौला, मीनू निवासी गांव गढ़ मीरकपुर थाना राई जनपद सोनीपत हरियाणा और अजय कुमार निवासी गांव रोड़ा थाना खरकोदा जनपद सोनीपत हरियाणा बताया था। पुलिस ने बरामद शराब की कीमत करीब चार लाख रुपये बताई था। ये शराब पंचायत चुनाव में इस्तेमाल होने के लिए लाई गई थी।
एंबुलेंस में सवारी के ढोने का मामला संज्ञान में नहीं है। कई बार मरीज को छोड़ने के बाद एंबुलेंस चालक सवारी बैठा लेते हैं। ऐसा मामला संज्ञान में आएगा तो कार्रवाई की जाएगी। एंबुलेंस सवारी ढोने के लिए नहीं बल्कि मरीज के लिए होती है।- महेश चंद शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन
- हमारा अधिकार सरकारी एंबुलेंस तक सीमित है। अगर निजी एंबुलेंस सवारी ढो रही हैं तो उनके खिलाफ एआरटीओ को कार्रवाई करनी चाहिए। एंबुलेंस में यात्रियों के ढोने का मामला बेहद गंभीर है।-डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ