छात्रा से छेड़खानी के आरोप में कालेज से निकाले गए 12वीं के छात्र ने घातक कदम उठा लिया। कालेज के क्लासरूम में ही उसने कीटनाशक का सेवन कर खुदकुशी की कोशिश की। हालत बिगड़ती देख छात्रों और अध्यापकों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, प्रिंसिपल नाम काटे जाने की बात से इंकार कर रहे हैं।
क्षेत्र स्थित नेहरू इंटर कालेज में 12वीं की एक छात्रा ने प्रिंसिपल से शिकायत की थी कि कालेज में पढ़ने वाला एक सहपाठी उसके साथ आते-जाते और कालेज में छेड़खानी करता है। 09 अगस्त को प्रिंसिपल ने इस बात पर छात्र को तलब किया। उसे डांट फटकार लगाई और अभिभावक को बुलाने की बात कहते हुए उसे भगा दिया।
छात्र के परिजनों का आरोप है कि झूठे आरोप में उनके बेटे का नाम स्कूल से काट दिया गया। छात्र के पिता इस मामले में कालेज के प्रबंध से मिले। उन्हें बताया कि उनके बेटे पर गलत आरोप लगाते हुए कालेज से निकाला गया है। बेटे ने उसी दिन से खाना-पीना छोड़ रखा है और गुमसुम रहता है। उन्होंने बच्चे का नाम कालेज से न काटने की गुहार लगाई।
प्रबंधक ने कहा कि शुक्रवार से छात्र को कालेज भेज दें, वो प्रिंसिपल से बात कर लेंगे। शुक्रवार को छात्र कालेज पहुंचा। इसके बाद भी उसकी अटेंडेंस नहीं ली गई। इससे वो काफी निराश हो गया। शनिवार को वो पहले से ही कीटनाशक लेकर कालेज पहुंचा था। शनिवार को भी उसकी हाजिरी नहीं लगी तो उसने जेब से कीटनाशक निकाला और क्लास में ही उसे पी लिया।
इससे कक्षा में अफरातफरी मच गई। अध्यापक उसे लेकर चिकित्सक के यहां भागे। पहले चिकित्सकों ने उसे अपने यहां भर्ती करने से ही मना कर दिया। बाद में उसे कस्बे के ही एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बेटे की ओर से उठाए गए इस कदम से परिजन भी स्तब्ध हैं। छात्र के बयान लेने के लिए पुलिस भी पहुंची थी, लेकिन बेहोशी की हालत में होने के कारण वो वापस लौट गई।