बीमा क्लेम हड़पने के लिए खाता खोलकर लोगों को ठगी का शिकार करने के मामले में संभल पुलिस द्वारा पांच महीने पहले जेल भेजे गए गिराेह के सदस्य करन मिश्रा उर्फ ओंकारेश्वर मिश्रा और उसके एक साथी को पुलिस कोर्ट में रिमांड पर लेकर आई। करन मिश्रा ने पूछताछ में गैंग बनाकर फर्जी खाते खोलकर मकान के नाम पर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगने की बात कबूली। अब पुलिस की एक टीम नसीम जहां की तलाश में उत्तराखंड गई है। उसके खाते में रकम का लेनदेन किया जाता था।
सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि थाना पुलिस बुधवार को वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के गांव फुलवरिया निवासी करन मिश्रा उर्फ ओंकारेश्वर मिश्रा और उसके एक साथी को अमरोहा न्यायालय में रिमांड पर लेकर आई। करन मिश्रा संभल जिले में बीमा क्लेम के नाम पर लोगों को शिकार करने वाले गिरोह का सदस्य है। संभल पुलिस ने उसे और उसके दो साथियों को इसी साल 17 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेेजा था।
उसका एक साथी अमित कुमार जो बबराला का रहने वाला है, वह बवीता का भांजा है। करन मिश्रा और उसके दो साथियों पर आरोप है कि उन्होंने तीन साल पूर्व अल्लीपुर चौपला निवासी रोहताश की पत्नी बवीता देवी का बैंक शाखा में खाता खोला। खाता खोलते समय करन मिश्रा और उसके दो साथियों ने बवीता को मकान के नाम पर लोन दिलाने का झांसा दिया था। मगर उसे लोन नहीं मिला। दोनों आरोपियों ने उसे मकान तो नहीं दिलाया बल्कि उसके खाते का इस्तेमाल रकम लेनदेन के लिए करते रहे।
आरोपी महिला की गिरफ्तारी के लिए रामनगर गई टीम
पुलिस ने बवीता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस दौरान नसीम जहां नाम की महिला का पुलिस को खाता मिला। जिसके खाते से बवीता के खाते में रकम ट्रांसफर की गई थी। वह उत्तराखंड के रामनगर की रहने वाली है। रिमांड पर पूछताछ में उसने बताया कि वह गैंग बनाकर काम करता था। गैंग के सदस्यों ने हसनपुर के बबलू के नाम नया सिम लेकर बवीता का खाता खुलवाया। उसमें लेनदेन करने के लिए अमित व उसके साथियों ने एक अन्य सिम और लिया व नसीम जहां का फर्जी खाता खुलवाया गया था। नसीम जहां की गिरफ्तारी के लिए टीम रामनगर भेजी गई है।