औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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सत्ता के दबाव में पुलिस किस तरह काम करती है। इसकी बानगी नौगावां सादात कस्बे में देखी जा सकती है। जहां इंस्पेक्टर के रहमोकरम पर सत्ताधारी दल के नेता का भाई दुकानों पर कब्जा कर रहा है और डीएम के निर्देश की अनदेखी कर पुलिस खामोश बैठी है। दिन रात काम चल रहा है। इस संबंध में पीड़ित ने एसपी से इंसाफ की गुहार लगाई है। इस संबंध में पूछने पर इंस्पेक्टर का कहना है कि उसे ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला है।
बीते दिन कस्बा नौगावां सादात के मोहल्ला हफ्ता बाजार निवासी मोहम्मद मुत्तकी पुत्र मो.अली ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए कहा था कि उसकी दुकानों पर एक सत्ताधारी दल के नेता के भाई सिराज अब्बास पुत्र सैय्यद हैदर अपने साथियों के साथ मिलकर कब्जा कर रहे हैं। मेरे भाई ने उनके खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन नौगावां पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। जिस पर डीएम ने एसएचओ को कहा था कि देखें, इनकी दुकानों पर कोई अवैध कब्जा न हो।
ये निर्देश लेकर पीड़ित पक्ष थाने पहुंचा और इंस्पेक्टर को भलीभांति बताया। जिस पर पुलिस मौके पर गई, लेकिन फिर खामोशी के साथ वापस लौट आई। अब दुकानों पर लगातार कब्जा हो रहा है। निर्माण कार्य कराया जा रहा है, मगर पुलिस डीएम के निर्देशों का बिल्कुल पालन नहीं कर रही है।
अब सोमवार को एसपी को पत्र देकर पीड़ित पक्ष ने इंस्पेक्टर पर सत्ताधारी नेता के दबाव का आरोप लगाया है और हमसाज होकर कब्जा कराने की बात कही है। इस पर पीड़ित पक्ष ने एसपी से शिकायत की है। पुलिस अधीक्षक को भी इंस्पेक्टर ने कोई निर्माण नहीं होने की बात कहकर बरगला दिया है।
जानकारी नहीं कि किस दुकान को लेकर विवाद है
मुझे डीएम का कोई आदेश नहीं मिला है। स्टेट हाईवे के दोनों ओर दुकानों का निर्माण चल रहा है। मुझे जानकारी ही नहीं है कि किस दुकान को लेकर विवाद है। संतोष कुमार सिंह, इंस्पेक्टर नौगावां सादात