किसान की जमीन कब्जामुक्त कराने के नाम पर चकबंदी कानूनगो ने एक लाख रुपये हड़प लिए। बाद में न तो जमीन कब्जामुक्त कराई और न रुपये वापस किए। मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ने कानूनगो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस से सात दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।
यह मामला आदमपुर थाने से जुड़ा है। क्षेत्र के मासकपुर गांव निवासी किसान बलवीर सिंह की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। आरोप है कि 21 नवंबर 2024 को क्षेत्र के चकबंदी राजस्व कानूनगो कुंवरपाल ने सरकारी फीस के नाम पर एक लाख रुपये लेकर जमीन को कब्जा मुक्त करने की बात कही थी। लेकिन, एक लाख रुपये लेने के बाद भी कानूनगो ने जमीन कब्जा मुक्त नहीं कराई। किसान ने अपने रुपये मांगे तो तरह-तरह के बहाने बनाने लगा।
आरोप है कि कब्जा करने वालों ने दो दिसंबर की दोपहर 12 बजे घर में घुसकर किसान से मारपीट की। उसे लाठी-डंडों से पीटा। जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर किया। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा, किसान बलवीर सिंह ने कोर्ट की शरण ली। मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ओमपाल सिंह ने प्रकरण को गंभीरता से लिया। साथ ही साक्ष्यों के आधार पर चकबंदी कानूनगो कुंवरपाल के खिलाफ आदमपुर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने माना कि कानूनगो ने सरकारी शुल्क के नाम पर एक लाख रुपये अवैध रूप से प्राप्त करना उसके पद के कर्तव्यों की श्रेणी में नहीं आता है। कानूनगो ने सरकारी फीस के नाम पर रुपये हड़पे लिए। किसान के साथ छलपूर्वक, बेईमानी की गई है।