अमरोहा। होली का हुड़दंग जैसे बिना रंगों के फीका होता है, वैसे ही बिना ढोल की थाप के थिरकना मुश्किल रहता है। बात अमरोहा के ढोल की हो तो फिर कहना ही क्या। जी हां दुनिया भर में अमरोहा आम की मिठास के साथ-साथ ही ढोलक और ढोल के लिए भी दुनिया भर में मशहूर है। होली पर अमरोहा के ढोल की थाप पर पूरा देश थिरकता है।
यही वजह है की होली के नजदीक आते ही ढोल की डिमांड बढ़ गई है। पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर, बंगाल से ढोल के आर्डर मिल रहे हैं। सबसे अधिक डिमांड छत्तीसगढ़, झारखंड और कोलकाता से आई है। होली से पहले ढोल कारोबार पर रंग चढ़ गया है। जिससे कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। अमरोहा के आम का देश-विदेश में अपना अलग मुकाम है। लेकिन लकड़ी उद्योग भी इनसे पीछे नहीं है। लकड़ी के खिलौने, ज्वैलरी हो या फिर आर्टीफिशियल बर्तन सबकी अपनी अलग छाप है। लेकिन जब होली का समय आता है तो देशभर के लोगों को यहां का ढोल ही याद आता है। होली के रंग में सराबोर होकर देशभर के लोग अमरोहा के ढोल की थाप पर एकसाथ नाचते गाते हैं।
ऐसे में होली से पहले लगभग सभी राज्यों से ढोल की डिमांड बढ़ जाती है। त्योहार से दो ढाई माह पहले से ही देशभर के व्यापारी बड़े आर्डर देकर ढोल तैयार कराते हैं। होली के रंग में रंगने से पहले तक यहां के कारोबारी देशभर में ढोल की आपूर्ति करने में लगे रहते हैं। अमरोहा की ढोलक तो विदेशों तक पहुंच रही है। लेकिन भांगड़ा के लिए बजने वाला बड़ा ढोल अधिकांश राज्यों में धूम मचाता रहा है। मौका होली का हो तो इस ढोल की बात ही निराली है। त्योहार के नजदीक आते ही ढोल कारोबारियों को फुर्सत नहीं मिल रही। सालभर लकड़ी का अन्य काम करने वाले कारोबारी इस समय दोगुनी मेहनत के साथ ढोल तैयार कर रहे हैं। होली के समय एक ढोल की कीमत 3000 से 8000 रुपये तक है। धीमी गति की ध्वनि के लिए अलग ढोल तैयार किया जाता है तो भांगड़ा के लिए अलग।
डीजे हमारी प्राचीन संस्कृति से लोगों को दूर कर रहा है। लेकिन भांगड़ा के शौकीन आज भी ढोल ही पसंद करते हैं। ये ही वजह है विभिन्न राज्यों के लिए रोजाना करीब 450 ढोल सप्लाई किए जा रहे हैं। अमरोहा का ढोल सामाजिक पर्वों पर आपसी प्रेम और सद्भाव को देशभर में फैलाता है। अमरोहा वैसे तो छोटे-छोटे उद्योगों को अपने में समेटे हुए है, लेकिन यहां की ढोलक की थाप बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी धाक जमाने में पीछे नहीं रही है।