अमरोहा। रजबपुर में दिल्ली हाईवे पर बुधवार देर रात भयावह सड़क हादसे में हुई चार एमबीबीएस चिकित्सकों की मौत के मामले में पुलिस ने जरूरी कदम उठाने शुरू किए हैं। शनिवार को एसपी अमित कुमार आनंद ने गोष्ठी में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कमी लाने के तरीकों पर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
आरटीसी कैंपस डिडौली में जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान के तहत सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से गठित क्रिटिकल कॉरिडोर टीम के सदस्यों के प्रशिक्षण, कार्यदिशा निर्धारण एवं सड़क दुर्घटना नियंत्रण रणनीति पर गोष्ठी हुई। एसपी ने संबंधित अधिकारियों संग चर्चा करते हुए मजबूत रणनीति बनाए जाने की लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने सभी क्रिटिकल कॉरिडोर क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं के आकस्मिक कारणों, रात में भारी वाहनों की चेकिंग, थकान व नींद से प्रभावित ड्राइविंग, इंटरसेक्शन पर अतिक्रमण को लेकर जरूरी निर्देश दिए। वहीं, खड़े खराब वाहनों को समय से हटाने, यातायात उपकरणों के प्रभावी उपयोग तथा दुर्घटनाओं की वैज्ञानिक विवेचना आदि पर टीमों को दिशा-निर्देश दिए। कहा कि सभी थानों में गठित क्रिटिकल कॉरिडोर टीम अपने क्षेत्र में नियमित रूप से सक्रिय गश्त करते रही।
दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखें। दुर्घटना की स्थिति में ई-साक्ष्य ऐप व अन्य संबंधित पोर्टल आदि पर त्वरित अपलोडिंग कर उच्च गुणवत्ता वाले प्रारूप में साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करें। वाहन चालकों की नींद, ओवरस्पीड, गलत दिशा में ड्राइविंग, नशे की स्थिति, सड़क की खराबी एवं ब्लैक स्पॉट की पहचान अनिवार्य रूप से की जाए। दुर्घटनाओं से संबंधित वाहनों के दस्तावेज, पूर्व चालान, लाइसेंस, परमिट एवं फिटनेस की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाए।
दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रत्येक स्तर पर समन्वित एवं त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत आवश्यक है। टीमों को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय रहें, समयबद्ध रिपोर्ट प्रेषित करें। सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाकर कार्य करें। गोष्ठी में सभी थानों से आए पुलिसकर्मी मौजूद रहे।