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वजीफा चाहिए तो बीच में न छोड़ें कॉलेज

Mon, 29 Aug 2016 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए शासन ने नए कदम उठाए हैं। इसके तहत अब अगर छात्रवृत्ति चाहिए तो विद्यार्थी को बीच में कालेज छोड़ने से बाज आना होगा। इससे जहां फर्जीवाड़ा रोकने में कुछ कामयाबी मिली है तो कुछ विद्यार्थियों के लिए मुसीबत भी हो गई है। ऐसे विद्यार्थी जो जागरूकता के अभाव में बीच में पढ़ाई छोड़कर दूसरे कॉलेज में दाखिला ले रहे हैं। वे वजीफे से वंचित हो रहे हैं। इसकी शिकायतें भी आ रही हैं, मगर उन्हें मायूसी ही मिल रही है। 
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दरअसल, छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े के लिए शातिर नित नए हथकंडे अपना रहे हैं तो बचाव के लिए शासन ने भी नए कदम उठाए हैं। इसी के तहत छात्रवृत्ति का डेटा ऑनलाइन किया गया है। वहीं एक कालेज में बीच में पढ़ाई छोड़कर दूसरे में प्रवेश लेने और फिर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वालों की भी नकेल कसी जा रही है।

इसके तहत बीच पढ़ाई छोड़कर दूसरे कॉलेज में दाखिला लेने पर छात्र वजीफे से वंचित हो जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, किसी कालेज में विद्यार्थी ने बीए में प्रवेश लिया है और फेल होने या किसी अन्य कारणवश उसने बीच में पढ़ाई छोड़ दी और दूसरे विद्यालय में एडमिशन ले लिया या बी.एड, बी.टेक, बी.सीए या अन्य प्रोफेशनल कोर्स के लिए दूसरे कॉलेज में चला गया तो दिक्कत होगी।
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ऐसे छात्र छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित रहेंगे। क्योंकि उनका नाम पहले के कॉलेज की वेबसाइट पर ही अपलोड रहेगा और वे दूसरे कॉलेज से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। दो कॉलेज से छात्रवृत्ति हड़पने के गड़बड़झाले को रोकने के लिए ही ऑन लाइन सेवा की गई है।

लापरवाही पड़ रही भारी
 विद्यार्थियों को लापरवाही भारी पड़ने लगी है। समाज कल्याण विभाग में आए दिन बीच में पढ़ाई छोड़कर दूसरे कॉलेज में दाखिले लेने से छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थी शिकायतें लेकर आ रहे हैं। हालांकि रिकॉर्ड के मिलान के बाद उन्हें मायूसी ही मिल रही है। 

तमाम ऐसे केस हैं। एक-एक कालेज के सैकड़ों छात्र छात्रवृत्ति से वंचित हुए हैं। बीच में पढ़ाई छोड़कर उन्होंने दूसरे कालेजों में एडमिशन लिया है। ऑन लाइन फीडिंग में उनका कालेज पुराना ही दिखाया जा रहा है। नए कालेज के आवेदन को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। ऑन लाइन ऑवेदन की प्रक्रिया से छात्रों की मनमानी पर इससे अंकुश लगा है।- मनोज कुमार यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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