अमरोहा। डेंगू-मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। खांसी जुकाम बुखार वाले मरीजों की कोरोना की जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड की तरह की डेंगू मलेरिया को रोकने की कवायद शुरू की है। किसी गांव में डेंगू के दो मरीज मिले तो गांव के सभी लोगों की जांच कराई जाएगी। फिलहाल जिले में 74 गांव और गली मोहल्ले डेंगू-मलेरिया को लेकर अतिसंवेदनशील हैं।
बीते तीन साल तक जिन गांवों में डेंगू ने कहर बरपाया था, ऐसे 74 गांवों में जानलेवा बीमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क श्रेणी में रखा है। गांवों में डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग अभियान चलाएगा। एंटी लार्वा कर स्प्रे व फॉगिंग कराने पर जोर दिया जाएगा। तालाबों में मच्छरों का लार्वा खाने वाली गंबूजिया मछली छुड़वाई जाएंगी।
इनमें सबसे ज्यादा अमरोहा ब्लॉक के शहरी आबादी के मोहल्ला लकड़ा, रौनक वाटिका, चौक, बेगम संराय, पनवाड़ी, नेल नई बस्ती संमेत 14 मोहल्लों के अलावा आठ गांव भी शामिल हैं। शहरी-ग्रामीण में डेंगू मलेरिया, चिकनगुनिया को रोकथाम के लिए विभाग अभियान चलाएगा।
- अभियान के तहत हाई रिस्क वाले इलाकों में एंटी लार्वा का स्प्रे और फॉगिंग करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा गांवों के तालाबों में ग्राम प्रधानों के सहयोग से मच्छरों का लावा खाने वाली गंबूजिया मछली छुड़वाई जाएंगी। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ