आईबी ने शहर में डेरा डाल दिया है। जासूसों का जाल बिछाकर टीम पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोपों में घिरे फरहत खान से जुड़ी सूचनाएं एकत्र करने में जुट गई है। आईबी की इस कवायद से स्थानीय पुलिस बिल्कुल अनभिज्ञ है, लेकिन खुफिया तंत्र सतर्क जरूर नजर आ रहा है। हालांकि टीम जांच में किसी तरह की जल्दबाजी करने के मूड में नहीं है। धीरे-धीरे सच्चाई की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम के साथ उनका जासूस पीए फरहत खान अमरोहा आया था। कार्यक्रम में उनके साथ शिरकत भी की थी। कई दिन यहां ठहरा भी था, मगर जासूसी में उसकी गिरफ्तारी होने से इस मसले पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। इस संबंध में आयोजकों से भी पूछताछ की जा सकती है।
जब से ये मामला सामने आया है तब से खुफिया एजेंसियों की निगाहें वेस्ट यूपी पर हैं। एजेंसियां हर उस जगह की हकीकत जानने में लगी हैं, जहां-जहां फरहत गया था या फिर ठहरा था।सूत्रों की बात पर यकीन करें तो खुफिया एजेंसियां प्रत्येक स्थान को लेकर गंभीर हैं। हर छोटी से छोटी जानकारी उसके बारे में एकत्र करने में जुटी हैं। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीम ने शहर में डेरा डाल दिया है।
उस कार्यक्रम के बारे में तस्दीक चालू कर दी है, जिसमें फरहत यहां आया था। वह कहां-कहां गया था और किस किस से मिला था। गहनता से छानबीन की जा रही है। उसने अपने स्थानीय जासूस भी सक्रिय कर दिए हैं। जिनसे पल-पल की जानकारियां टीम के सदस्य ले रहे हैं।
फरहत खान के यहां आने से संबंधित कोई सूचना नहीं है। न ही किसी अधिकारी ने संपर्क साधकर उनसे इस बारे में कुछ पूछा है। टीम आई है या नहीं, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
-डा. एस चन्नप्पा, पुलिस अधीक्षक
स्थानीय पुलिस रही अनभिज्ञ
आईबी की टीम ने स्थानीय पुलिस को कोई सूचना नहीं दी है। सूत्रों के मुताबिक यदि पुलिस को अवगत कराती तो उसकी कार्रवाई के लीक होने की आशंका अधिक रहती। पुलिस संग की गई कार्रवाई से भी नागरिकों में खलबली मच जाती, इसलिए उसने बेहद गोपनीय तरीके से अपनी जांच को अंजाम तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि अफसर भी उसके आगमन से संबंधित कोई जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं।