मेरे भइया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन, तेरे बदले मैं जमाने की कोई चीज न लूं... जी हां गीत की ये पंक्तियां भाई-बहन के अनूठे प्रेम पर फरमाई गई हैं। भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में अलग ही होता है। एक बहन अपने भाई की जिंदगी बचाने के लिए बड़ा दान करने जा रही है। यह दान है किडनी देने का।
बहन मुशविर जहां का कहना है कि भाई की जिंदगी के लिए किडनी क्या चीज है जिंदगी भी देने के लिए तैयार हूं। बहन की किडनी से मो. नवाज की जिंदगी खुशहाल बन सकेगी। पीड़ित के भाई ने डीएम के यहां अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। मामले पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने कमेटी की बैठक शुक्रवार की दोपहर बुलाई है। कमेटी की अनुमति मिलते ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव कटाई निवासी मोहम्मद नवाज पुत्र शाने अहमद खां खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। करीब डेढ़ साल पहले अचानक उनकी किडनियां जवाब दे गईं, जिसके बाद हालत खराब हो गई।
इलाज के बाद भी ठीक नहीं हो पाईं। लाखों रुपया खर्च हो गया। मौजूदा समय में वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। उनका खून ओ निगेटिव है। जब किसी और का खून मेल नहीं खाया तो उनकी बहन मुशविर जहां पत्नी फिरासत खां ने अपना ब्लड चेक कराया। रिपोर्ट उसकी भी ओ निगेटिव आई।
ब्लड ग्रुप एक होने पर मुशविर ने अपने भाई की जिंदगी बचाने का फैसला कर लिया। बिना किसी दबाव भाई को गुर्दा देने के लिए तैैयार हो गई। सीएमओ कार्यालय में जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी के पास पहुंच गई है। पीड़ित के भाई शाहनवाज ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर किडनी प्रत्यारोपण के लिए अनुमति मांगी है।
मामले को बेहद संजीदगी से लेते हुए डीएम ने तत्काल एडीएम को कमेटी की बैठक बुलाने के आदेश दिए। शुक्रवार की दोपहर 12 बजे कमेटी की बैठक होगी, जिसमें अनुमति पर विचार किया जाएगा।