कस्बा ढक्का में चल रहे हजरत बाबा बंदगी रहमतुल्लाह अलैह के उर्स में अजीमुश्शान मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें दूरदराज से आए शायरों ने कलाम पेश किए।
निकहत मुरादाबादी ने कहा कि जब तुम्हारे साथ मेरा नाम लिया जाएगा, मुझको राधा और तुमको श्याम लिखा जाएगा। मुशायरे की शमा रोशन किसान नेता मांगेराम त्यागी, डॉ. रईस अहमद, चंद्रपाल सैनी, विशाल चौधरी ने की। मुजाहिद चौधरी ने तिलावत कलाम-ए-पाक व इकराम रामिश ने नाते पाक पढ़ी। जावेद ने कहा कि झूठ सच दोनों कभी साथ नहीं मिलते। असद अशरफ ने कहा कि प्यारे वतन तुझ से है पहचान हमारी, मर जाए जो तुझ पे तो बढ़े शान हमारी। अब्दुल्ला सिंधी ने कहा कि उम्र भर भूल न पाऊंगा कहानी उसकी, जिसकी छोटी सी मुलाकात ने सोने न दिया।
इसके अलावा मुजाहिद चौधरी, डॉ. फैसल, सुल्तान जहां पूरनपुरी, जीनत मुरादाबादी, चमन हैदर बाक़री, आकिल जैतपुरी, इंतखाब संभली, इकराम रामिश ने भी कलाम पेश किए। इस दौरान हाजी इरशाद, जीशान कुरैशी अलाउद्दीन सैफी, मुशाहिद शाह, चौधरी आमिर, बाबा इकरार, चौधरी सोहेल अख्तर शाहनवाज गंगवार अजीम आदिल मौजूद रहे।