अमरोहा। कोरोना के बढ़ते मामले के बीच आम उत्पादकों के लिए राहत भरी खबर है। दुबई और ओमान से ऑर्डर मिल गए हैं। आम निर्यातक अब आम आपूर्ति की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार आम के आकार और वजन में बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। जून के पहले सप्ताह में आम की खेप अरब देशों में भेजी जाएगी।
जिले में 600 हेक्टेयर में आम का उत्पादन होता है। लगभग 12,000 मीट्रिक टन आम उत्पादन की उम्मीद है। इसमें दशहरी, लंगड़ा, चौसा प्रजाति प्रमुख हैं। इसके अलावा देसी प्रजाति के आम भी होंगे। कोरोना संक्रमण के दौर में भी आम उत्पादन और निर्यात बेहतर होने की उम्मीद है। आम उत्पादक बागीचों की देखरेख के लिए वैज्ञानिक तकनीक अपना रहे हैं, ताकि फसलों में कीटों का प्रभाव न हो। निर्यातक इस बार भी आम को अरब देशों में भेजने की तैयारी में जुटे हैं।
दरअसल ओमान, दुबई, कतर, बहरीन और शारजाह आदि जगहों पर अमरोहा के आम के कद्रदान अधिक हैं। उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण विभाग भी आम उत्पादकों के संपर्क में हैं, ताकि विदेश में निर्यात की मात्रा को बढ़ा सकें। वर्ष 2020 में प्रदेश से 120 मीट्रिक टन आम का निर्यात हुआ था। एक अनुमान के मुताबिक लगभग 80 मीट्रिक टन आम जिले से भेजे गए थे।
अरब देशों से आम के ऑर्डर मिल गए हैं। जून के पहले सप्ताह से निर्यात की तैयारी है। आम की फसल बेहतर होने की उम्मीद है। दशहरी, चौसा और लंगड़ा प्रजाति के आम के कद्रदान अधिक हैं।
-नदीम अहमद, आम निर्यातक
जिले में 600 हेक्टेयर में आम का उत्पादन होना है। लगभग 12,000 मीट्रिक उत्पादन की उम्मीद है। विदेशों में इस बार भी निर्यात किया जाएगा। वह आम के उत्पादक और निर्यातकों के संपर्क में हैं। आमों के बागीचों का निरीक्षण किया जा रहा है।
-सर्वेश चंद्र, जिला उद्यान अधिकारी/खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी।