हसनपुर (अमरोहा)। गड़बड़ी की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पताल की ओटी को सील कर दिया गया था। लेकिन अस्पताल संचालक द्वारा पीछे के गेट से ओटी को संचालित कर लिया गया। शिकायत मिलने पर नोडल अधिकारी डॉक्टर शरद कुमार ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सील कर दिया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल भेजा गया।
जनपद संभल के गांव धर्मपुर माजरा मोलनपुर निवासी दिनेश ने अपनी पत्नी राधा को चार नवंबर को हसनपुर में रहरा मार्ग पर स्थित निशा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। चिकित्सक पर आरोप लगाया था कि जहां चिकित्सक की लापरवाही की वजह से महिला की हालत बिगड़ गई थी। इसकी शिकायत पीड़ित ने संपूर्ण समाधान दिवस में की थी। शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक दिसंबर को अस्पताल पहुंचकर ओटी सील कर दी थी। अस्पताल संचालक को नोटिस जारी करते हुए अस्पताल के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज दिखाने के लिए कहा था।
लेकिन संचालक द्वारा पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज नहीं दिखाए और चालाकी करते हुए सील ओटी को पिछले गेट से संचालित कर दिया। इसकी शिकायत मिलने पर बुधवार को एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉक्टर शरद कुमार के नेतृत्व में टीम अस्पताल पहुंची तो चिकित्सक स्टाफ समेत ऑपरेशन के दो मरीजों को छोड़कर मौके से फरार हो गया। इसके बाद एसीएमओ की देखरेख में मरीजों एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। एसीएमओ डाॅक्टर शरद कुमार ने बताया कि अस्पताल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।